बदायूं। जिले में आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से 30 लाख रुपये ‘बड़ा गांव’ नाम से कार्यदायी संस्था को जारी कर दिए गए हैं। परेशानी यह है कि जिले में इस नाम का कोई गांव नहीं है। वहीं अब तक अस्पताल बनाए जाने का स्थान तय न हो पाने की वजह से भी निर्माण का पेच फंस गया है।
जिले में आयुष विभाग के तहत प्रस्तावित आयुर्वेदिक अस्पताल के निर्माण के लिए धनराशि ‘बड़ा गांव’ के नाम से कार्यदायी संस्था को आवंटित कर दी गई है। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने जब राजस्व अभिलेख खंगाले तो जिले की किसी भी तहसील या विकासखंड में “बड़ा गांव” नाम का राजस्व ग्राम दर्ज नहीं मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को पत्राचार कर स्थिति से अवगत करा दिया है। पत्र में गांव के नाम में संभावित त्रुटि होने या किसी अन्य ग्राम के लिए प्रस्तावित योजना होने की आशंका जताई गई है।
साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि शीघ्र ही गांव के नाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो स्वीकृत धनराशि का उपयोग नहीं हो पाएगा और योजना लंबित रह सकती है।
जनपद में बड़ा गांव नाम से कोई भी गांव नहीं है। ऐसे में उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया है। आगे जो भी आदेश मिलेगा। उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. योगेंद्र सिंह, यूनानी एवं आयुर्वेदिक क्षेत्रीय अधिकारी