राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन पटरी से उतर गया है। 26.15 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी जिले की 16 ग्राम पंचायतों में पाइप लाइन के जरिए पेयजल सप्लाई सपना ही रह गई। ग्राम पंचायतें परियोजना का रख-रखाव करने में नाकाम रही हैं। ऐसे में तमाम गांवों में नलकूप और ओवरहैड टैंक ठप हो गए हैं। इस गर्मी भी मिशन के पटरी पर आने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
वितीय वर्ष 2008-09 और 2010-2011 में दो चरणों में जिले की 10 हजार से ज्यादा आबादी वाली 16 ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन में शामिल किया गया था। मिशन के तहत इन ग्राम पंचायतों में ओवरहैड टैंक, नलकूप, पंप हाउस बनाकर पाइप लाइन के जरिए पेयजल सप्लाई दी जानी थी। ग्राम्य विकास विभाग को मिशन का नोडल विभाग बनाया गया। पाइप लाइन के जरिए पेयजल सप्लाई के लिए 26.16 करोड़ रुपये से 16 ग्राम पंचायतों में काम हुआ। जल निगम ने 2013-14 में सभी काम पूरे करके परियोजना को संबंधित ग्राम पंचायतों के सुपुर्द कर दिया।
ग्राम पंचायतों के पास संसाधनों की कमी थी। कुछ दिन तो परियोजना ठीक-ठाक चली। इसके बाद धीरे-धीरे पटरी से उतरने लगी। ग्राम पंचायतों में टेक्नीशियन और नलकूप ऑपरेटरों की तैनाती न होने से पूरे मिशन को पलीता लग गया। 26.15 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च होने के बाद भी 16 ग्राम पंचायतों में पाइप लाइन के जरिए पेयजल सप्लाई बेपटरी है।
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन में शामिल गांवों में पाइप लाइन के जरिए पेयजल सप्लाई हो रही है या नहीं यह दिखवाया जाएगा। अगर किसी वजह से पेयजल सप्लाई में रुकावट आ रही है तो उसे दूर कराया जाएगा। -देवेंद्र सिंह कुशवाह, सीडीओ
पेयजल योजना पर हुआ व्यय
शेखूपुर 303.79 लाख
बगरैन 153.06 लाख
खंडुआ 176.06 लाख
डहरपुरकलां 156.05 लाख
दहगवां 197.36 लाख
जगत 168.40 लाख
सिरतौल 106.41 लाख
सतेती पट्टी 88.74 लाख
पुसगवां 125.51 लाख
पुठी सराय 117.15 लाख
रमजानपुर 190.86 लाख
खेड़ा बुजुर्ग 215.82 लाख
आरिफपुर नवादा 179.91 लाख
आसफपुर 142.98 लाख
रसूलपुर 146.66 लाख
नगला शर्की 146.55 लाख