गलत
तरीके से मांग के अनुरूप अधिक
रकम आने और इस रकम को ठिकाने
लगाने के अलावा विभिन्न घोटाले
और जांचों की जानकारी के लिए
मांगी गई जन सूचनाएं एक वर्ष,
10 माह
में भी नहीं दी गईं। इस प्रकरण
में जन सूचना अधिकारी जिला
सहकारी बैंक पर राज्य सूचना
आयुक्त ने 25
हजार
रुपये का जुर्माना ठोंका है।
उझानी
निवासी डीके शर्मा ने जिला
सहकारी बैंक के जन सूचना
अधिकारी/
जिलाधिकारी
प्रशासक चार दिसंबर,
2012 को
जनसूचना के तहत 18
बिंदुओं
पर जन सूचना मांगी थी। इसमें
सचिवों के वेतन के लिए मांग
पत्र 14.95
लाख
रुपये के स्थान पर कागजों में
हेरफेरकर 44.64
लाख
रुपये हासिल कर उन्हें ठिकाने
लगाने का मामला भी शामिल था।
इस राशि का क्या हुआ। किस-किस
पर कार्रवाई हुई और कौन-कौन
इसमें शामिल मिला। इसकी जांच
के अलावा अब तक हुई विभिन्न
जांचे और सचिवों के भुगतान
में ली गई धनराशि के बारे में
भी जानकारी चाही है। इसी प्रकार
की तमाम जन सूचनाओं का उत्तर
नहीं दिया गया तो वादी ने राज्य
आयुक्त की शरण ली। राज्य आयुक्त
के कुबरा ने इस संबंध में कठोर
निर्णय लेते हुए प्रतिवादी
जन सूचना अधिकारी जिला सहकारी
बैंक 25
हजार
रुपये का जुर्माना ठोंका है।
इस आदेश की प्रति प्रमुख सचिव
सहकारिता और जिलाधिकारी बदायूं
को अनुपालन कराने को भेजी गई
है।