उझानी (बदायूं)। सीएमओ राजेंद्र प्रसाद ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और शेखूपुर के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें शेखूपुर में नर्स और स्वीपर के रूप में सिर्फ दो कर्मचारी ही मिले। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्साधीक्षक और चिकित्साधिकारी गैरहाजिर थे। उपस्थिति रजिस्टर पर उनकी अनुपस्थिति दर्ज कर दी गई। सीएमओ ने गैरहाजिर कर्मियों का वेतन काटने का आदेश भी दिया है।
सीएमओ राजेंद्र प्रसाद सुबह करीब नौ बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह के कक्ष में उपस्थिति रजिस्टर कब्जे में ले लिया। रजिस्टर पर हालांकि अधिकतर स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति दर्ज थी लेकिन चिकित्साधीक्षक और चिकित्साधिकारी महेश प्रताप सिंह नहीं मिले। दोनों डॉक्टरों की अनुपस्थिति उन्होंने रजिस्टर पर दर्ज कर दी। सीएमओ ने वार्डों में पहुंचकर मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी की। इसके बाद वह नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शेखूपुर पहुंचे। वहां स्वीपर और नर्स के अलावा कोई कर्मचारी नहीं मिला। डॉक्टर के बारे में उनसे पूछा गया तो दोनों कर्मियों ने जानकारी होने से इंकार कर दिया। सीएमओ को शेखूपुर में उपस्थिति रजिस्टर भी देखने को नहीं मिला। एक स्वास्थ्य कर्मी रजिस्टर को अपने कमरे में बंद करके चला गया था। सीएमओ ने बताया कि निरीक्षण में गैर हाजिर डॉक्टरों समेत कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा। उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।