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शासन तक पहुंच गया मानकों की अनदेखी का मामला, अब होगी जांच

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बदायूं। शहर में डाली जा रही अंडरग्राउंड केबल में मानकों की अनदेखी का मामला शासन तक पहुंच गया है। मानकों को ताक पर रखकर डाली जा रही केबल की शिकायतों को डीएम दिनेश कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया। उन्होंने इसके लिए शासन को पत्र लिखा है। चर्चा है कि शासन स्तर से गठित तकनीकी टीम मौके पर आकर बारीकी से इसकी जांच पड़ताल करेगी। यदि टीम ने निष्पक्षता से जांच की तो निश्चित तौर पर ठेकेदार और विभाग की दिक्कतें बढ़ना तय है।
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तारों के मकड़जाल और बिजली चोरी रोकने के लिए शहर में वर्ष 2016 में अंडरग्राउंड केबल डालने का काम शुरू किया गया। जिन-जिन स्थानों पर ये केबल डाली गई, वैसे-वैसे उन इलाकों में मानकों को लेकर सवाल उठना शुरू हो गए। लोगों ने इसकी शिकायतें विभागीय अधिकारियों से भी की, लेकिन उस समय सत्तापक्ष से ताल्लुक होने की वजह से ठेकेदार के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा, मनमाने तरीके से ही केबल डालना जारी रहा। प्रदेश में निजाम बदला तो लोगों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायतें भेजनी शुरू कर दीं, साथ ही डीएम को भी पत्र दिए।
करंट से जानवरों के मरने और लोगों को हो रही परेशानियों को डीएम दिनेश कुमार सिंह ने भी गंभीरता से लिया। ऐसे में उन्होंने भी अंडरग्राउंड केबल में मानकों की जांच के लिए शासन को पत्र भेज दिया। प्रशासनिक हलकों में भी इस बात की चर्चा जोरों पर है कि शासन स्तर से गठित तकनीकी टीम हर बिंदु पर इसकी जांच करेगी। जांच के बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भी दी जाएगी।
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जनता की दिक्कतों से विभाग बना अनजान
अंडरग्राउंड केबल डालने के बारे में विभागीय अधिकारियों का यह तर्क था कि इससे उपभोक्ताओं को काफी लाभ मिलेगा, साथ ही बिजली चोरी भी रुक सकेगी। विभाग की नजर में आज भी उसका तर्क सही है, लेकिन मानक के विपरीत पड़ी केबल को लेकर लोगों को कितनी दिक्कतें हुई हैं या हो रही हैं, इससे विभागीय अधिकारी पूरी तरह से अनजान बने हुए हैं। कई स्थानों पर केबल बॉक्स में करंट आ चुका है, उससे कई जानवर भी मर चुके हैं।

गलियों में तो ऊपर से दिखाई देती हैं केबल
मानकों की अनदेखी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकांश गलियों में जो केबल डाली गई, उसके लिए केवल इतनी ही खुदाई की गई कि केबल बस ढक जाए। मिट्टी डालकर इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया। वाहन निकलने व एक दो बार की बारिश ने इस मिट्टी को हटा दिया और केबल सड़क के ऊपर ही दिखाई देने लगी। खास बात ये है कि इन केबलों में सप्लाई चालू है जो आसपास के घरों को दी जा रही है। यदि रोजाना वाहन निकलने या अन्य किसी कारण से केबल कट जाती है तो जनहानि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

नालियों से होकर गुजर रहे तार
कई गलियों की हालत ऐसी है कि तार नालियों से होकर गुजर रहे हैं जो ऊपर से दिखाई भी दे रहे हैं। इन तारों में भी करंट चालू है। नालियों में केबल को पाइप से कवर करने की जहमत तक नहीं उठाई गई। इससे पानी में करंट भी आ सकता है।
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