रोडवेज चौराहा से फिर डग्गामार बसों का आवागमन शुरू हो गया है। एक बस हटती है तो दूसरी लाइन में लग जाती है। यानि डग्गामार पुराने ढर्रे पर लौट आए हैं। वहीं पेठे वाला इन डग्गामार बसों के नंबर लगा रहा है। कुछ दिन पहले सीओ सिटी ने अभियान चलाकर हटवाया था। इन बस चालकों को चेतावनी दी थी कि दोबारा बसें लगाईं तो सीधे सीज होंगी। मगर अगले दिन से डग्गामार बसें फिर से सड़क पर खड़े होकर सवारियां भरने लगीं।
शहर का रोडवेज चौराहा तो जैसे डग्गामार बसों के नाम हो गया है। कई प्रयासों, कई अभियानों और कई चेतावनी जारी करने के बावजूद डग्गामार बस चालकों में सुधार नहीं हुआ। जबकि रोडवेज चौराहा के हाल किसी से छिपे नहीं हैं। यह शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहों में गिना जाता है। यहां कब जाम लग जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता, और तो और रोडवेज बस स्टैंड भी कोई दूर नहीं है। सड़क पार रोडवेज बस स्टैंड और दूसरी ओर डग्गामार बसों का बोलबाला है। कहने को इससे रोडवेज विभाग के राजस्व पर बुरा असर पर पड़ रहा है। इसके बावजूद पता नहीं किसकी जेब गर्म हो रही है, जिससे रोडवेज विभाग भी कोई अंकुश नहीं लगा रहा और न ही कोई शिकायत की जा रही है। कुछ दिन पहले सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर ने मिशन ट्रैफिक के तहत इन बसों पर अंकुश लगाने का पूरा प्रयास किया था। उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि दोबारा बसें लगाईं तो सीधे कार्रवाई होगी। इस बात को अभी कुछ दिन भी नहीं गुजरे थे कि डग्गामार बसें फिर से चौराहे पर लगनी शुरू हो गई हैं। इससे चौराहे की व्यवस्था पूरी तरह से भंग हो चुकी है। वहीं पुलिस कार्रवाई का सीधा उल्लंघन है।