बदायूं। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार वैश्य के अनुसार अटलजी पहली बार बदायूं 1971 में आए थे। उस वक्त भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। तब उनका दौरा पार्टी को मजबूत करने के लिए हुआ था। यहां वह भाजपा कार्यकर्ता रहे शिवनारायन वैश्य के घर ठहरे थे। 1985 में हुए विधानसभा चुनाव में बदायूं शहर सीट से कृष्ण स्वरूप वैश्य प्रत्याशी रहे थे। तब गांधी ग्राउंड में हुई जनसभा को अटल जी ने संबोधित किया था। कृष्ण स्वरूप वैश्य के पुत्र भाजपा के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार वैश्य ने बताया कि अटलजी की जनसभा में भारी भीड़ रही थी। नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि सभा में अटलजी को सिक्कों से तौलना था। तब अटलजी ने चुटकी लेते हुए कहा था कि उन्हें सिक्कों से क्यों तौल रहे है अब्दुल रहमान अंतुले को तौलिए जो कई बार तौलने के बाद भी अंतुले हैं। उस वक्त अब्दुल रहमान अंतुले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। अटलजी की इस बात को सुनकर कार्यकर्ताओं ने खूब तालियां बजाईं थीं।
इधर, नगर पालिका परिषद की चेयरमैन दीपमाला गोयल ने बताया कि 1996 में वह भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष थीं। तब वह दिल्ली में अटलजी से मिलीं थीं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से बात की थीं। वह किसी को निराश नहीं करना चाहते थे।