पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। हरिद्वार, बिजनौर, नरौरा से छोड़ जाने वाले पानी की वजह से पिछले दो दिन से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सोमवार शाम गंगा में 55 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है, जो कि काफी अधिक है। जलस्तर तेजी से बढ़ने की वजह से तटवर्ती इलाके के लोगों में दहशत मची हुई है। हालांकि अभी यह खतरे के निशान से काफी नीचे है।
सोमवार को कछला में गंगा का जलस्तर 163.60 मीटर रिकार्ड किया गया। हालांकि अभी यह खतरे के निशान से काफी नीचे है। बाढ़ खंड विभाग की माने तो रोजाना पांच से दस सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार को जलस्तर बढ़ने की रफ्तार 5 सेमी प्रति घंटे नापी गई। शनिवार सुबह 10 बजे यह बढ़कर 163.05 मीटर और रविवार को 163.40 मीटर हो गया था। वहीं नरौरा से 1 लाख 47 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ दिया गया। इसकी वजह से गंगा का जलस्तर बढ़कर 163.60 मीटर हो गया। इसकी वजह से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका के चलते लोग भयभीत हो चले हैं। सहसवान क्षेत्र में पड़ने वाले तटबंध महावा और नगला अजमेरी की स्थिति सामान्य है। उसके बाद भी इस तटबंध से लगे हुए गांवों के लोग दहशत में हैं।