ग्रामीण बस सेवा के ये रूट किए गए हैं निर्धारित
योजना के तहत कुल आठ रूट निर्धारित किए गए हैं, जिन पर 21 बसों का संचालन होगा। इनमें बदायूं-वजीरगंज-सैदपुर-बगरैन-बिसौली-आसफपुर रूट पर एक बस चलेगी। बदायूं-सराय-डहरपुर-दातागंज-समरेर रूट पर नौ बसें संचालित होंगी, जो इस क्षेत्र की उच्च मांग को दर्शाती है। बदायूं-सतेती-बिल्सी-नरैनीचौराहा-सहसवान-नाधा-इस्लामनगर रूट पर चार बसें चलेंगी।
अन्य रूटों में बदायूं-वजीरगंज-सैदपुर-बगरैन-करेंगी-बिसौली-दबतोरी (दो बसें), बदायूं-सराय-दातागंज-डहरपुर-म्यांऊ-उसैहत-जलापुर-खेरे (दो बसें), बदायूं-सराय-दातागंज-डहरपुर-सैंजनी म्यांऊ-उसैहत (एक बस), बदायूं-ककराला-उसैहत-म्यांऊ-उसैहत-गौंतरा-हजरतपुर (एक बस) और बदायूं-ककराला-उसैहत-हरेण्डी-कादरचौक-भूड़ाभदरौल-कछला-जुनैरा-सहसवान (एक बस) शामिल हैं।
बसों के संचालन से सुधरेगी ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी
इन बसों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। गांव के लोगों को अब जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए कई वाहनों को बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सीधी बस सेवा उनके समय और धन दोनों की बचत करेगी। विशेष रूप से उन गांवों के लिए यह एक बड़ी राहत होगी, जहां परिवहन के सीमित साधन उपलब्ध हैं। इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।