उझानी (बदायूं)। मेरे राम सेवा समिति की ओर से बाबूराम धर्मशाला में चल रही रामकथा का नवें दिन गुरुवार को समापन हो गया। कथावाचक रवि जी समदर्शी महाराज ने अंतिम दिन श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि मर्यादित आचरण से ही समाज में यश प्राप्त होता है।
कथावाचक ने कहा कि भगवान राम के जीवन से नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों की प्रखर ऊर्जा मिलती है। आत्मिक सुखानुभूति और आदर्श जीवन जीने का संदेश मिलता है। कथा तन और मन को पवित्र कर जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है। उन्होंने राम के राज्याभिषेक का भी वर्णन किया। कहा कि राम ने वनवास के बाद जब अयोध्या में कदम रखा तो प्रजा खुशी से झूम उठी थी। बोले- हनुमान जी की सेवा और समर्पण से समाज को सीख लेनी चाहिए। समापन पर शक्ति कलश के पूजन के बाद कथावाचक को अंगवस्त्र भेंट किए गए। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने प्रसाद वितरण कराया। पदाधिकारियों ने बाहर से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित भी किया। पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव, मुकेश राठी, धनसुख अग्रवाल, हिमांशु कृष्ण, संदीप अग्रवाल आदि मौजूद थे।