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पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर एकजुट हुए शिक्षक-कर्मचारी

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बदायूं। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर जिले भर के शिक्षकों और कर्मचारियों ने सोमवार को मालवीय आवास पर सरकार के खिलाफ धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने साफ कहा कि यदि उनकी इस मांग को पूरा नहीं किया गया तो वे आने वाले लोकसभा चुनाव में कोई योगदान नहीं करेंगे। जो पार्टी उनकी मांग को पूरा करेगी, उसके प्रत्याशी को पूरा समर्थन किया जाएगा। इस बीच आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन को दिया।
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जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा की अगुआई में हुए धरना-प्रदर्शन में सुबह 10 बजे से ही जिले भर से शिक्षकों और कर्मचारियों का पहुंचना शुरू हो गया था। वक्ताओं ने इस बात पर राज्य सरकार के प्रति बेहद नाराजगी जताई कि उसने उनकी इस अहम मांग को लेकर आज तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई। बोले-सरकार को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश भर के शिक्षक-कर्मचारी, अधिकारी अपना हक लेकर रहेंगे। वर्तमान सरकार द्वारा सबका साथ-सबका विकास का नारा महज एक ढोंग है। संयोजक एके मिश्रा ने कहा कि पिछले दिनों सरकार ने हमारे द्वारा पेंशन बहाली की जोरदार मांग करने पर उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर कोई ठोस निर्णय लेने की बात कही थी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। सरकार ने हमारे साथ विश्वासघात किया है। जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अंबियापुर ब्लॉक अध्यक्ष सुशील चौधरी, संजय यादव, रामवीर सिंह, ललतेश कुमार, उदयवीर सिंह यादव, दामोदर सिंह यादव, अशोक बाबू शर्मा, असरार अहमद, अनुज शर्मा, प्रेमप्रकाश पांडेय, अनुराग यादव, पवन यादव, गौरव यादव, सुरेंद्र सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए। सरोज यादव, अभिमत राम, राजीव कुमार, सौरभ श्रीवास्तव, अब्दुल राशिद, दामोदर सिंह, सोनी गुप्ता, अनिल यादव,सलमान खां, राजीव सिंह, माधव सिंह, जुबैर, कामिनी राठौर, अराफत खां, आयुष भारद्वाज, अरशद, नीति आदि मौजूद रहे। इधर स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार जौहरी, जिलाध्यक्ष उपेंद्र उपाध्याय एवं जिला महामंत्री तौसीफ अहमद ने भी पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग का समर्थन किया।

28 को निकाला जाएगा मशाल जुलूस
जिलाध्यक्ष ने एलान किया कि इस मांग को लेकर 28 जनवरी की शाम साढ़े चार बजे से बीएसए कार्यालय से मशाल जुलूस निकाला जाएगा।

सेल्फी का ज्यादा रहा क्रेज
आंदोलन में शामिल अधिकतर शिक्षक-शिक्षिकाएं और कर्मचारी सेल्फी ज्यादा लेते रहे। उनका क्रेज आंदोलन में शामिल होने के बजाय ग्रुप में साथियों के साथ सेल्फी लेने पर ज्यादा रहा। कुछ कर्मचारी केवल पदाधिकारियों को शक्ल दिखाकर अपने-अपनो निजी काम निपटाने चले गए।
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भीड़ को देख पुलिस भी रही परेशान
धरना-प्रदर्शन में हजारों की संख्या में शिक्षकों-कर्मचारियों के आने से पुलिस भी परेशान रही। हालांकि धरना शांतिपूर्वक तरीके से ही चल रहा, लेकिन पुलिस इस बात को लेकर अधिक चिंतित दिख रही थी कि कहीं कोई हंगामा न हो जाए।
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