--अमर उजाला लाइव--
50 शौचालय हुए पूरे, 151
को मिली सिर्फ पहली किस्त
खुले में शौच जाना हो रही लोगों की मजबूरी, कई पात्रों को अब तक नहीं मिले शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
कुंवरगांव। शासन की ओर से प्रत्येेक जिले को खुले से शौच मुक्त कराने के उद्देश्य से काम किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक जिले को दो अक्तूबर तक का समय दिया गया था। इसको लेकर शासन से लेकर जिला प्रशासन तक गंभीरता से जुट गया और गांवों को समय से शौच मुक्त कराया जा रहा है लेकिन यह काम सिर्फ कागजों में किया जा रहा है। हालात यह है कि गांव हसनपुर गांव में शासन की ओर से 201 शौचालय बनने का लक्ष्य दिया गया था। इसमें सभी को पहले किस्त जारी कर दी गई लेकिन दूसरी किस्त नहीं पहुंच पाई। इस वजह से गांव के लोग खुले में शौच को जा रहे हैं।
ब्लाक सालारपुर का गांव हसनपुर है। यहां की आबादी लगभग पांच हजार की है, जबकि वोटर 17 सौ हैं। गांव को शासन की ओर से 201 शौचालय बनाने का लक्ष्य दिया गया था। पहली किस्त शासन की ओर से जारी कर दी गई और लाभार्थी के खाते में प्रोत्साहन धनराशि पहुंच गई। इसके बाद शौचालय का निर्माण शुरू हो गया, इनमें करीब 50 लोगों ने शौचालय पूर्णता बना लिए। बाकी के शौचालय धन के अभाव में अभी अधूरे पड़े हुए हैं। जबकि गांव के कई लोगों का आरोप है कि समय रहते उन्होंने शौचालय निर्माण के लिए आवेदन किया था।
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नहीं मिला अनुदान, गड्ढा किया बंद
शासन की ओर से शौचालय बनाने को अनुदान राशि दी जा रही है। इसी को लेकर गांव निवासी रामचंद्र ने शौचालय बनाने के लिए गड्ढा खोदा। साथ ही शौचालय के लिए आवेदन किया लेकिन काफी समय निकल गया। गड्ढे में एक भैंसा भी गिर गया, जिसे बहुत मुश्किल से निकाला गया। इससे परेेशान रामचंद्र ने बाद में गड्ढे को बंद कर दिया। आज भी वह और उनका परिवार खुले में शौच को जाने को मजबूर होना पड़ा रहा है।
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क्या बोले लोग
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दूसरी किस्त का इंतजार
पहली किस्त तो सात महीने पहले मिली थी। उसके बाद में शौचालय का निर्माण कराया गया। लेकिन दूसरी किस्त छह महीने से नहीं मिली है। इस वजह से आज भी शौचालय अधूरा पड़ा हुआ है।
-बुंदन
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नहीं मिला शौचालय
कई बार कागजों को जमा किया। एक बार ऑन लाइन फार्म भराया, लेकिन आज तक शौचालय आवंटित नहीं हुआ। इस वजह से खुले में शौच को जाना पड़ रहा है।
-शीला
वर्जन--
गांव में जो लोग पात्र हैं, उनके शौचालय बनवाए गए है। जिन लोगों की दूसरी किस्त नहीं आई है। उसके लिए प्रयास किया जा रहा है। ताकि उनका भी शौचालय पूरा कराया जा सकें। जो लोग आरोप लगा रहे हैं। वह गलत है।
-हसमत अली, प्रधान