दहेज हत्या में पति, सास
औैर ससुर को उम्रकैद
ढाई साल पहले संभल जिले के गांव पानीबाड़ मढैय्या में हुई घटना गला दबाकर की गई थी रूपवती की हत्या
मुजरिमों पर लगाया गया पांच-पांच हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। ढाई साल पहले दहेज की खातिर विवाहिता की गला दबाकर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय मधुलिका चौधरी ने पति समेत तीन मुजरिमों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
दहेज हत्या की यह घटना थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव पानी बाड़ की मढैय्या में सात जनवरी 2016 को हुई थी। सहसवान के मोहल्ला कटरा निवासी रामरतन पुत्र जुक्खी ने आठ जनवरी को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसने अपनी पुत्री रूपवती की शादी पानीबाड़ की मढैय्या निवासी हीरेंद्र के साथ की थी। शादी के कुछ दिनों के बाद ससुराल वाले उसकी बेटी को तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। आरोप था कि ससुराल वाले बाइक और अन्य सामान मांगते थे। तंगहाली के बाद भी उसने एक भैंस और तीन हजार रुपये नकद तथा सोने-चांदी के आभूषण दिए। बाइक की मांग पूरी न होने पर रूपवती को फिर से परेशान किया जाने लगा। सात जनवरी की शाम को ससुराल वालों ने रूपवती की गला दबाकर हत्या कर दी।
वादी रामरतन ने पति हीरेंद्र, ससुर रामसिंह और सास कश्मीरा, जेठ रूप किशोर, ननद पानकौर को नामजद कराया था। पुलिस ने कोर्ट में पति, सास-ससुर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय मधुलिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुकेश बाबू यादव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद मुजरिम पति हीरेंद्र, ससुर रामसिंह उर्फ ठाकुर दास, सास कश्मीरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।