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‘नाकारा कर्मचारियों पर तुरंत की जाए कार्रवाई’

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कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक लेते सीडीओ । - फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। सीडीओ ने बुधवार को बैठक के दौरान पंचायत राज विभाग और खंड विकास विभाग के अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी अपना उपस्थिति प्रमाण पत्र प्रधान से बनवाकर डीपीआरओ कार्यालय में जमा करते थे। अधिकतर सफाई कर्मी प्रधान से साठगांठ करके ड्यूटी से गायब रहते थे। मगर अब ऐसा नहीं होगा। अब बीडीओ और एडीओ पंचायत की सत्यापन रिपोर्ट के बाद ही सफाई कर्मचारियों का वेतन दिया जाएगा। अब हर माह की 25 तारीख तक सफाई कर्मचारियों का उपस्थिति प्रमाण पत्र बीडीओ और एडीओ को हर हाल में डीपीआरओ कार्यालय में जमा करना होगा।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में सीडीओ शेषमणि पांडेय ने खंड विकास अधिकारियों, पंचायत राज विभाग अफसरों के साथ बैठक कर विकास कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकतर गांवों के नाले-नालियां गंदगी से भरी रहती हैं। सड़कों पर गंदा पानी बहता है। गांवों में तैनात सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर जाते ही नहीं हैं। ऐसे नकारा सफाई कर्मचारियों के साथ कोई रियायत नहीं की जाएगी। उनको तैनाती स्थल पर हर हाल में काम करना होगा। सीडीओ ने बीडीओ को हिदायत दी कि कामचोर सफाई कर्मचारियों को नोटिस दें। फिर भी न सुधरें तो उन्हें बर्खास्त करें। उन्होंने किसी भी स्थान पर कूड़ा इकट्ठा न होने दे। कूड़े को गड्ढे में दबाकर डंप कराएं। सीडीओ ने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि एडीओ पंचायत, बीडीओ की सत्यापन रिपोर्ट न होते हुए भी यदि किसी कर्मचारी का वेतन आहरित किया गया तो उसके लिए डीपीआरओ जिम्मेदार होंगे। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा, डीडीओ सेवाराम चौधरी, डीपीआरओ राजेश मौर्य आदि मौजूद रहे।
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सार्वजनिक स्थानों पर कराए वॉल पेंटिंग
सीडीओ ने कहा कि ग्राम पंचायत कार्याें में पारदर्शिता लाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों, अन्य योजनाओं, सफाई कर्मचारियों का रोस्टर किस कर्मचारी को किस गांव में किस दिन सफाई करना है के बारे में सार्वजनिक स्थानों पर वॉल पेंटिंग कराई जाए। सीडीओ ने डीपीआरओ को हिदायत दी कि हर गांव में स्वच्छता के नारे शीघ्र ही पेंट कराए जाएं।
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1669 आवेदन लंबित, एडीओ का जवाब तलब
सीडीओ ने समीक्षा के दौरान पाया कि 1038 ग्राम पंचायतों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण के 1669 मामले लंबित हैं। जिन्हें अब तक ऑनलाइन अपलोड नहीं किया गया है। उन्होंने एडीओ पंचायत को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों को ऑनलाइन अपलोड किया जाए।
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