बदायूं। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में परिवहन निगम ने बड़ा कदम उठाया है। पांच सितंबर को निगम के बेड़े की 38 खटारा बसों को अनुपयोगी घोषित कर नीलामी के लिए भेजा गया था। इनकी जगह अब निगम को 20 नई बसें मिलने जा रहीं हैं। निगम के जिम्मेदार बताते हैं कि नई बसों की खेप 4-5 दिन में कानपुर या लखनऊ से आ जाएगी। नई बसों के शामिल होने के बाद बदायूं समेत आसपास के मार्गों पर रोडवेज सेवाओं को और सुगम बनाने की तैयारी निगम कर रहा है।
जिले में परिवहन निगम के पास इस वक्त 106 सरकारी और 46 अनुबंधित बसें हैं। हालांकि, सरकारी बसें कुछ ऐसी भी हैं, जो मानक से ज्यादा चल चुकी हैं और उनका समय भी लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बसों की कमी के चलते उन्हें रूट से अभी हटाया नहीं गया है परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि जब शासन से नई बसें मिलेंगीं तो ज्यादा पुरानी बसों को हटा दिया जाएगा। 38 बसें खटारा हो गईं, जिनको हटा दिया गया है। नई बसें मिलने से लोगों को अधिक सु़विधा मिल सकेगी।
छह माह पहले संचालन से बाहर की जा चुकी हैं 38 बसें
छह माह पहले कुछ बसों को खटारा घोषित किया गया था। इसके बाद करीब 38 बसों को चलन से बाहर किया जा चुका है। परिवहन निगम पिछले दो माह से नई बसों के आने का इंतजार कर रहा है। इनके आने के बाद कुछ और बसों को हटाया जाएगा।
बगरैन और दबतोरी मार्ग पर नहीं चलतीं रोडवेज बसें
जिले में इस समय बगरैन और दबतोरी मार्ग पर रोडवेज बसें नहीं चल रहीं हैं। सहसवान से नाधा, इस्लामनगर होते हुए बहजोई के लिए, म्याऊं-लिलवां के लिए और बिसौली-आसफपुर मार्ग पर ग्रामीण सेवा की बसों को संचालित किया गया है। इन रूटों पर और भी बसों को संचालित कराया जाएगा। बदायूं-आंवला रोड पर भी बदायूं डिपो की कोई बस नहीं। नई बसें मिलने के बाद इस रूट पर संचालन की संभावना जताई जा रही है।
प्रतिदिन 22 से 25 हजार यात्री करते हैं सफर
रोडवेज बसों में प्रतिदिन 22 से 25 हजार यात्री सफर करते हैं। नवदुर्गा, कनागत और रमजान जैसे महीनों में यात्रियों की संख्या घटकर 17-18 हजार ही रह जाती है, जबकि त्योहारों पर यात्रियों की संख्या दोगुनी हो जाती हैं। सबसे ज्यादा सवारियां दिल्ली की रहती हैं। दूसरे स्थान पर बरेली, आगरा और कासगंज के यात्री रहते हैं।