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मुसीबत बन गए डग्गामार वाहनों पर कब कसेगा शिकंजा

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बदायूं। सड़कों पर हो रही डग्गामारी राहगीरों के साथ-साथ परिवहन निगम के लिए भी मुसीबत बनती जा रही है। मनचाही जगह पर डग्गामार वाहन चालक अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं। इस वजह से उन जगहों पर जाम की स्थिति बन जाती है। यही हाल रोडवेज चौराहे का है। यहां डग्गामार वाहनों की मनमानी के आगे रोडवेज से लेकर पुलिस के अधिकारी तक बेबस नजर आते हैं। पिछले दिनों पुलिस की ओर से डग्गामार वाहनों पर नकेल कसी गई थी, लेकिन कुछ समय बाद में स्थिति जस की तस हो गई। इसमें अहम भूमिका वहां पर ड्यूटी करने वाले पुलिस स्टाफ की भी रहती है, जो डग्गामार वाहन चालकों को शरण देने का काम करते है। कुल मिलाकर शहर के लिए कोढ़ बन चुकी इस बीमारी से प्रशासन और पुलिस दोनों हारे हुए लगते हैं।
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जब लोगों को कहीं जाना होता है, तो वे रेल या रोडवेज बस का सहारा लेते है, क्योंकि सरकारी सेवाएं होने की वजह से इसका रूट और समय निर्धारित होता है। इधर, डग्गामार वाहन चालक अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए अपने स्टैंड को छोड़कर रोडवेज बस स्टैंड की ओर आकर मनचाही जगह पर बस खड़ी कर लेते हैं। कई मर्तबा तो रोडवेज चौराहे के बीचों-बीच वाहनों को खड़ा कर लिया जाता है, जिससे वहां पर जाम की स्थिति बन जाती है। वहां पर तैनात पुलिस कर्मियों से साठगांठ के चलते उन्हें वहां से हटाया नहीं जाता है। पिछले दिनों जब ये मामला पुलिस की नजर में आया तो सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह ने खुद डग्गामार वाहनों के खिलाफ मोर्चा संभाला। जिससे कुछ समय तक पुलिस कर्मी से लेकर डग्गामार वाहन चालक सब लाइन में रहे। सीओ ने हिदायत दी कि दोबारा रोडवेज चौराहे पर डग्गामार वाहन खड़े न हों। कुछ समय पुलिस कर्मियों ने वहां पर एक भी डग्गामार को खड़ा नहीं होने दिया, लेकिन अब वहां पर स्थिति फिर से दयनीय होने लगी है। चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है, जो लोगों के लिए परेेशानी का सबब बनता है।
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रोडवेज की आय पर पड़ रहा असर रोडवेज डिपो के पास से डग्गामार चलने की वजह से रोडवेज की आय पर असर पड़ने लगा है। कर्मचारियों का कहना है कि डग्गामार वाहन चालक रोडवेज के सामने से कम किराये का लालच देकर यात्रियों को बैठा लेते हैं। इसको लेकर कई बार चालकों से झड़प हो चुकी है, लेकिन पुलिस की शह की वजह से वे नहीं मानते हैं।
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यहां है सड़कों पर अवैध स्टैंड पुलिस लाइन चौराहा, ओवरब्रिज मार्ग, इंद्राचौक, पुराना आंवला बस स्टैंड, वाटर वर्क्स रोड, लावेला चौक, अंबेडकर पार्क, गोपी चौक, कलक्ट्रेट, पुरानी चुंगी।
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इन मार्गों पर दौड़ते है डग्गामार सबसे ज्यादा डग्गामार वाहन जिले के दातागंज मार्ग, ककराला, अलापुर-म्याऊ, कादरचौक, उझानी, बिल्सी, बिनावर, बिसौली मार्गों पर दौड़ते हैं।
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कर्मचारी 21 से करेंगे आमरण अनशन
रोडवेज कर्मचारी यूनियन की कार्यालय पर बैठक हुई। इसमें क्षेत्रीय मंत्री रविंद्र कुमार ने कहा कि डग्गामार वाहन चालकों की वजह से रोडवेज प्रशासन की आय पर फर्क पड़ा है। अगर डग्गामार वाहन चालकों से कुछ कहें तो वे लड़ने पर उतारू हो जाते हैं। इसमें पुलिस उनका सहयोग करती है। कोई बात होती है, तो पुलिस रोडवेज कर्मचारियों को दोषी ठहराती है, क्योंकि रोडवेज बसों से उन्हें कोई आमदनी नहीं हो रही है, जबकि प्राइवेट वाहनों से उन्हें अर्थिक फायदा पहुंच रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि इसको लेकर 21 जनवरी से वे आमरण अनशन पर बैठेंगे।
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क्या बोले कर्मचारी
बस स्टैंड के सामने डग्गामार वाहन चालक अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं। इससे वहां पर जाम की स्थिति बन जाती है। इस संबंध में कई बार जानकारी अधिकारियों को दी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
-असद कादरी, शाखा अध्यक्ष
डग्गामारी की वजह से रोडवेज की औसत आमदनी पर फर्क पड़ने लगा है। इसको लेकर पुलिस से लेकर जिलाधिकारी तक को अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
-विजय प्रकाश शर्मा, कोषाध्यक्ष
कई बार अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं निकला। अब कर्मचारी आमरण अनशन तक करने को मजबूर हो गए हैं।
-विवेक सक्सेना, पूर्व संगठन मंत्री
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डग्गामारी वास्तव में बड़ी समस्या बन गई है। हमारे स्तर से कई बार लिखित में पुलिस और प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया गया है, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
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- राजेश कुमार, एआरएम
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