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कई गेहूं क्रय केंद्र बंद, अन्नदाता परेेशान
बारदाने की कमी से जूझ रहे क्रय केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
दो दिन से कुछ क्रय केंद्रों पर बारदाने की कमी से गेहूं की तौल बंद है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ किसान तो वहीं डेरा डालकर बारदाने का इंतजार कर रहे हैं। जबकि कई जरूरतमंद किसान सस्ते दामों में मंडी में अनाज बेचने को मजबूर हैं। शासन ने इस साल गेहूं खरीद के लिए सात क्रय एजेंसियों को 109400 मिट्रिक टन का लक्ष्य दिया है। शासन की मंशा के अनुरूप एक अप्रैल से गेहूं की खरीद के लिए क्रय एजेंसियों ने केंद्रों को खोल दिया। शुरू में किसान नहीं पहुंचे, लेकिन जब उनके पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो केंद्रों पर बारदाने का टोटा हो गया। अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 24 फीसदी खरीद के रूप में मात्र 26326 क्विंटल गेहूं भंडारित हो सका है।
दबतोरी। क्षेत्र के मुसिया नगला पर पीसीएफ का गेहूं क्रय केंद्र खुला है। लेकिन यहां पर पीछे तीन दिनों से तौल नहीं हो पा रही है। सचिव का कहना है कि उनके पास में जितना बारदाना था उसके अनुरूप खरीद हो चुकी की है। जैसे ही उन्हें और बारदाना मिलेगा तभी खरीद शुरू करा दी जाएगी। ऐसे में गेहूं लेकर क्रय केंद्रों पर पहुंचे किसान भूखे-प्यासे तुलाई का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने अनाज क्रय केंद्रों पर ही पटक दिया है। जबकि जरूरतमंद किसानों का रुख मंडियों की ओर है।
कुंवरगांव। क्षेत्र में पीसीएफ का गेहूं क्रय केंद्र है। यहां पर कुल 3494 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। यहां पर भी बारदाना खत्म होने की वजह से मंगलवार शाम से खरीद बंद पड़ी है। सचिव अवल कुमार ने बताया कि बारदाना खत्म होने के संबंध में अधिकारियों को बता दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही बारदाना आ जाएगा और खरीद शुरू कर दी जाएगी।
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विभाग की ओर से गेहूं क्रय केंद्रों को चार लाख 80 हजार 500 बोरे दिए हैं। इसके सापेक्ष अभी जो खरीद हुई है उसमें 101580 क्विंटल गेहूं की खरीदारी हुई है। इसमें तकरीबन 205160 बोरों की जरूरत पड़ेगी। बचे हुए बोरे अब भी सभी सेंटरों पर मौजूद है। कहीं भी बारदाने की कमी नहीं है।
- राजीव कुमार हंस, प्रभारी, जिला विपणन अधिकारी
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क्रय केंद्रों पर खुले आसमान के नीचे रखा है गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
जिले के अधिकतर क्रय केंद्रों पर खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। ठेकेदारों ने इसे गोदाम तक नहीं पहुंचाया। ऐसे में बारिश हुई तो हजारों टन गेहूं खराब होना तय है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 109400 मिट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 20 प्रतिशत से अधिक खरीद हो चुकी है। अब प्रशासन के सामने सब से बड़ी चुनौती खरीदे गए गेहूं को समय से गोदाम पहुंचाने की है, लेकिन इसे गोदाम तक पहुंचाने का काम नहीं किया जा रहा है। बदलते मौसम में बारिश की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में अगर वर्षा हुई तो क्रय केंद्र के बाहर रखे गेहूं को बचाना कठिन होगा। जिला विपणन अधिकारी राजीव कुमार हंस का कहना है कि सभी क्रय केंद्रों पर निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द गेहूं को गोदाम तक पहुंचाएं।
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नहीं हुई गेहूं खरीद शुरु, एडीएम ने जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
वजीरगंज। गुरुवार को एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव ने मंडी समिति में चल रहे केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कर्मचारियों को निर्देश दिए है कि केंद्र पर दलाल के माध्यम से कोई खरीदारी नहीं की जाए। वहीं पीसीएफ पर अब तक खरीद नहीं होने नाराजगी व्यक्त की। उन्हें बताया गया कि एफसीआई पर 11476 क्विंटल, आरएफसी पर 5685 क्विंटल व कर्मचारी कल्याण निगम पर चार 4000 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। एडीएम ने पीसीएफ केंद्र पर जानकारी की तो पता चला आज तक वहां पर खरीद नहीं हुई। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्र प्रभारी अंकित कुमार को चेतवानी दी कि अगर जल्द खरीद शुरू न की गई तो कार्रवाई के लिए तैयार रहे।
एडीएम के निरीक्षण के बाद में केंद्र प्रभारी भी मौके से निकल लिए। जबकि क्रय केंद्रों पर किसानों की भीड़ लगी रही। वहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि कोई बैंक गया है तो कोई डिपो गया है।