जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म होने पर सोमवार को कुत्ते काटे के मरीज इधर-उधर भटकते रहे। इससे गुस्साए लोगों ने जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय में जमकर हंगामा किया। इसके बाद लोगों ने कलक्ट्रेट जाकर डीएम से शिकायत की। उन्होंने मरीजों को सीएमओ के पास भेजा। बावजूद इसके करीब चार सौ मरीजों को बगैर वैक्सीन लगवाए बैरंग होना पड़ा।
जिला अस्पताल में करीब एक माह से एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिए मारामारी चल रही है, लेकिन लगातार मरीजों को रैबीज इंजेक्शन नहीं लग पा रहे हैं। शनिवार को कुछ इंजेक्शन शेष रह गए थे। सोमवार की सुबह दस बजे तक वह भी खत्म हो गए। धीरे-धीरे करके ओपीडी में कक्ष संख्या 18 के बाहर सैकड़ों मरीजों की लाइन लग गई। दोपहर करीब 12 बजे तक मरीज इंजेक्शन लगने का इंतजार करते रहे। जब उनको इंजेक्शन नहीं लग सके तो मरीज बेहाल हो गए। उसके बाद उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। 18 नंबर कक्ष में तैनात कर्मचारी कक्ष छोड़ कर बाहर आ गए। इससे कर्मचारियों का गुस्सा और भी बढ़ गया। बताते हैं कि मरीजों का हंगामा देखते हुए सीएमएस डॉ. आरएस यादव के निवेदन पर सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने 25 वाइल भिजवाए। उसमें भी सभी मरीजों के इंजेक्शन नहीं लग सके। 25 वाइल में सिर्फ 100 मरीजों को ही इंजेक्शन लगवाए। बाकी मरीज इंजेक्शन लगने का इंतजार करते रहे। इधर, एंटी रैबीज इंजेक्शन लगने से वंचित मरीज अपने-अपने लोगों ने इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल में हंगामा काटा। बाद में सभी डीएम कार्यालय पहुंच गए। उस समय डीएम मीटिंग में व्यस्त थे। कार्यालय के बाहर हंगामा सुनकर डीएम ने मामले की जानकारी ली। उसके बाद डीएम ने एंटी रैबीज इंजेक्शन का इंतजाम करने का आदेश दिया। बताते हैं कि डीएम के आश्वासन पर सभी मरीज सीएमओ कार्यालय पहुंच गए, लेकिन यहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। मरीजों से दूसरे दिन आने को कह दिया गया।
मैंने आज सुबह ही 25 वाइल भिजवाए हैं। अगर वह खत्म हो गए तो मुझे जानकारी नहीं है। मैं इसकी जानकारी करता हूं। साथ ही मंगलवार को मरीज बगैर इंजेक्शन लगवाए वापस नहीं जाने दिए जाएंगे। -डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ