उझानी (बदायूं)। बिजली सप्लाई में अघोषित कटौती ने नगरीय उपभोक्ताओं समेत देहात के लोगों का गणित बिगाड़ दिया है। खासकर सुबह में दो-तीन घंटे की कटौती आम बात हो गई है। उपकेंद्र पर हालांकि 10-10 एमबीए क्षमता के तीन ट्रांसफार्मर उपभोक्ताओं का लोड उठाने को पर्याप्त हैं, लेकिन गर्मी के दिनों के मुकाबले लोड कम होने के बाद सप्लाई का शेड्यूल चरमरा गया है।
स्थानीय उपकेंद्र से बिजली सप्लाई के मौजूदा शेड्यूल पर गौर करें तो शाम पांच से अगले दिन तड़के पांच बजे तक और दिन में आठ से दोपहर बाद दो बजे तक बिजली मिलनी चाहिए। 18 घंटे बिजली सप्लाई के शेड्यूल की हकीकत इससे काफी अलग है। उपभोक्ताओं में नगर निवासी चंद्रमोहन वर्मा ने बताया कि शाम को बिजली आती है, लेकिन तय नहीं रहता कि शाम पांच से सात बजे के बीच सप्लाई कब मिले। इसी के साथ तड़के पांच बजे से एक-डेढ़ घंटा पहले ही बत्ती गुल हो जाती है। दिन में ट्रपिंग या फिर तार टूटने की वजह से भी दो-तीन घंटे तक सप्लाई नहीं मिल पाती। यहां तक कि सुबह में घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों की मानें तो इससे कहीं ज्यादा खराब हालत गांवों की सप्लाई की बनी हुई है। गेहूं की सिंचाई के पीक टाइम में बिजली कटौती किसानों के लिए मुसीब बन गई है। सिंचाई के लिए नलकूप के स्थान पर उन्हें इंजन या फिर पंपसेट का इस्तेमाल करने पर डीजल के रूप में उन्हें आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ा रहा है।
नगर में तीन, देहात में हैं छह फीडर
उझानी। बिजली सप्लाई शेड्यूल के अनुरूप मुहैया कराने के लिए स्थानीय स्तर से नौ फीडर अस्तित्व में हैं। नगर के तीनों फीडर ज्यादा दिक्कत नहीं करते, लेकिन देहात में छह फीडर में पश्चिमी फीडर से सप्लाई की स्थिति ज्यादा खराब बनी हुई है। देहात के फीडर में कछला, वितरोई, अब्दुल्लागंज, रिसौली, लहुआ भी शामिल हैं। वैसे, पश्चिमी क्षेत्र के गांवों को सप्लाई मुहैया कराने के लिए बुर्राफरीदपुर में नये फीडर का काम भी शुरू हो चुका है।
वर्जन
लोड की डिमांड के अनुरूप ट्रांसफार्मरों की एमबीए क्षमता उपलब्ध है, लेकिन जो भी दिक्कत सामने आ रही है, वह तार टूटने या फिर शेड्यूल में परिवर्तन की वजह से होती है। बुधवार को नगर के एक इलाके के फीडर में समस्या रही जिसे दोपहर में ठीक कर दिया गया।
- सीबी लाल, एसडीओ।