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मिनी कुंभ में उमड़ा आस्था का सैलाब

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गंगा मइया की महाआरती। - फोटो : अमर उजाला
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मेला ककोड़ा (बदायूूं)। गंगा की कटरी में लगे मिनी कुंभ के नाम से मशहूर मेला ककोड़ा में शुक्रवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करने के बाद दान पुण्य किया। गंगा घाट हर-हर गंगे के जयकारों से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने सूर्यदेव को अर्घ्य भी दिया। मुख्य स्नान कार्तिक पूर्णिमा पर शनिवार को होगा।
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शुक्रवार भोर से ही मेला ककोड़ा पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। महिलाओं की कई टोलियां मंगलगीत गाते हुए घाट पर पहुंचीं। रेत के टापू पर बसे तंबुओं के शहर को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखा। एटा, कासगंज और हाथरस जिले के श्रद्धालुओं ने जमकर मौज मस्ती की।
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शुक्रवार शाम तक नहीं कराया रूट डायवर्जन
मेला ककोड़ा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को लेकर पुलिस प्रशासन ने एक दिन पहले ही एलान कर दिया था कि कासगंज और सहावर की ओर आने जाने वालों को रूट डायवर्जन कर पास कराया जाएगा लेकिन शुक्रवार को ऐसा नजर नहीं आया। रूट डायवर्जन नहीं होने से वाहन सवार श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिन में दो-तीन बार जाम भी लगा। जाम के दौरान पुलिस कर्मियों को भी मशक्कत करनी पड़ गई।
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स्वच्छता का संदेश लेकर पहुंचे नोएडा वासी
मेला ककोड़ा (बदायूं)।
मेला ककोड़ा का एनसीआर में किस कदर क्रेज है, इसका उदाहरण शुक्रवार को देखने को मिला। नोएडा और ग्रेटर नोएडा से मेले में पहुंचे कई परिवारों के सदस्यों ने स्वच्छ भारत मिशन की वकालत की। उनके साथ एक दर्जन से अधिक मोबाइल टॉयलेट और लोगों को जागरूक करने वाले पंफलेट भी थे।
नोएडा से पहुंचे रामकिशोर गुप्ता और इंद्रगोपाल के अलावा ग्रेटर नोएडा के डॉ. सरन अग्रवाल के पूर्वज कभी बदायूं में रहा करते थे। इन परिवारों का नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अपना बिजनेस है। मिनी कुंभ के प्रति आस्था उन्हें भी खींच लाई। रामकिशोर ने बताया कि यह रूहेलखंड में एक ऐसा मेला है जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसकी वजह से गंदगी फैलना भी लाजमी है। मेलार्थियों को स्वच्छता का संदेश देने और उन्हें गंदगी नहीं फैलाने के लिए प्रेरित करने को उन्होंने पूरे दिन अभियान चलाया।
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मोबाइल टॉयलेट चोक, टैंक से पानी गायब
मेला ककोड़ा। जिला पंचायत ने मेलार्थियों को सुविधा मुहैया कराने के लिए जिले भर से करीब दो दर्जन मोबाइल टॉयलेट पहुंचाए थे। मोबाइल टॉयलेट की हकीकत से पर्दा उस समय उठा जब ककोड़ा के अशोक कुमार और बदायूं के वीरेश तोमर शौच को पहुंचे। टॉयलेट में गंदगी के बीच टोंटी खोलने पर पानी नहीं आया। दोनों ने इसकी शिकायत जिला पंचायत के कर्मचारियों से की लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया गया। मजबूरन, सैकड़ों श्रद्धालुओं को खुले में शौच के लिए जाना पड़ा। इससे मेले को ओडीएफ करने के दावे को भी पलीता लग गया।
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कार की टक्कर से बाइक सवार घायल
मेला ककोड़ा। कादरचौक क्षेत्र के गांव गंगपुर पुख्ता से मेले में प्रसाद बेचने के लिए घर से निकले साइकिल सवार किशोरी लाल (45) को गांव के पास तेज रफ्तार कार ने रौंद दिया। कार में श्रद्धालु सवार थे। राहगीरों ने उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया। चालक को मय कार दबोच लिया। बाद में उसे मेला पुलिस के हवाले कर दिया गया। घायल किशोरीलाल की हालत गंभीर बताते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
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भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पाया प्रसाद
मेला ककोड़ा। श्रद्धालुओं की सेवाभाव के लिए पूर्णिमा से एक दिन पहले कई लोग ऐसे भी पहुंचे जिन्होंने मेला परिसर में ही भंडारों का आयोजन कर प्रसाद का वितरण किया। प्रसाद में सब्जी पूड़ी और हलवा भी था।
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बृज के कलाकारों ने समां बांधा
मेला ककोड़ा। जिला पंचायत की ओर से मेला परिसर में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए जो इंतजाम कराए गए उनमें शुक्रवार को बृज के कलाकारों ने अपनी पेशकश से समां बांध दिया। दर्शकों ने कठपुतली का नाच भी देखा।
जिला पंचायत की देखरेख में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज शाम को हुआ। बृज की मंडली के कलाकारों ने रासलीला का मंचन किया। श्रीकृष्ण जन्म से लेकर रास रचाने की लीला के दौरान कलाकारों ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। मोरवी ने नृत्य के जरिए मनमोह लिया। इसके अलावा ढोला ने भी ग्रामीण दर्शकों का मनोरंजन कराया। देर शाम तक नृत्य का कार्यक्रम भी चला। जिला पंचायत के अफसरों ने कलाकारों को पुरस्कृत किया।
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सरकारी योजनाओं का महत्व समझाया
मेला ककोड़ा। मेले में इस बार भी कई विभागों की ओर से प्रदर्शनी लगाई गईं। बाल विकास परियोजना विभाग की ओर से लगी प्रदर्शनी में नौनिहालों की सेहत दुरुस्त रखने का संदेश दिया गया। गन्ना विभाग की प्रदर्शनी में फसल के जरिए अच्छी पैदावार लेने और जल निगम के कर्मियों ने अपने विभाग की प्रदर्शनी के दौरान जल संचय और स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
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स्काउट्स ने खोए बच्चों को अपनों से मिलाया
मेला ककोड़ा। मेले में लगे स्काउट शिविर में संस्था से जुड़े पदाधिकारियों ने स्काउट-गाइड के जरिए सेवाभाव प्रदर्शित किया। मेले में शुक्रवार को करीब नौ बच्चे अपनों से बिछड़ गए। स्काउट्स-गाइड ने उन्हें अपनों से मिलाकर वाहवाही हासिल की। मोहम्मद अरारा और सितारा त्यागी ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया।
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मेले का औपचारिक आगाज, फीता काटकर गंगा पूजन
जिला पंचायत की अध्यक्ष ने देखीं व्यवस्थाएं
अमर उजाला ब्यूरो
मेला ककोड़ा (बदायूं)।
मेला ककोड़ा का शुक्रवार को औपचारिक आगाज हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा ने मुख्य द्वार पर फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद गंगा का पूजन किया। गंगा मैया से मेला सकुशल संपन्न होने की कामना भी की। उन्होंने मेले में लगी सरकारी प्रदर्शनी भी देखी।
मेले का उद्घाटन महंत प्रदीप शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण से कराया। जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा ने नारियल फोड़ा। उन्होंने कहा कि मेला ककोड़ा का महत्व सदैव कायम रहेगा। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए जिला पंचायत की ओर से समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके बाद जिला पंचायत की अध्यक्ष ने सरकारी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। जल निगम, गन्ना विभाग और जिला पंचायत की प्रदर्शनी का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सर्कस की शुरुआत कराई। इस अवसर पर द्रोपदी देवी इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पूर्व विधायक आशुतोष मौर्य, अपर मुख्य अधिकारी अशोक यादव, केवी शर्मा, लालता प्रसाद कश्यप, रंजीत सिंह आदि मौजूद थे।
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पूर्व संध्या पर नहीं पहुंचे
होमगार्ड और घुड़सवार
मेला कोतवाली इंचार्ज ने अफसरों को कराया अवगत
अमर उजाला ब्यूरो
मेला ककोड़ा (बदायूं)।
मिनी कुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर इस बार भी अफसरों ने बदायूं समेत आसपास के जिलों की पुलिस और पीएसी के साथ होमगार्डों को ड्यूटी पर लगाया लेकिन मेले में अब तक न तो होमगार्ड पहुंचे हैं और न ही घुड़सवार पुलिस कर्मियों ने आमद कराई है।
शुक्रवार को मेला परिसर से लेकर गंगाघाट तक होमगार्ड और पुलिस के जवान नजर नहीं आए। दो सौ होमगार्डों को ड्यूटी पर लगाया गया था। इसी तरह घुड़सवार पुलिस कर्मियों को भी मेला में पहुंचने का आदेश शुरुआत में ही हो गया था। इसकी सूचना मेला कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार को भी मिली। होमगार्ड और घुड़सवार पुलिस कर्मियों के नहीं पहुंचने पर मेला कोतवाली प्रभारी ने सीओ समेत अफसरों से बात की। उनका कहना है कि होमगार्ड और घुड़सवार पुलिस कर्मियों की आमद नहीं होने को लेकर वह अपनी रिपोर्ट सीओ के जरिए भेजेंगे। लापरवाह होमगार्ड और घुड़सवार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बता दें कि मेला लगने के पहले दिन से ही उन्हें मेला कोतवाली पहुंचकर अपनी आमद करा देनी चाहिए थी।
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बदायूं से 32, कादरचौक से
12 रुपये मेें पहुंचेंगे मेले
बदायूं डिपो ने मेला ककोड़ा के लिए जारी की किराया सूची
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। श्रद्धालुओं को मेला ककोड़ा तक लाने ले जाने के लिए बदायूं डिपो प्रबंधन ने खासी तैयारी की है। इस रूट के हर स्टापेज से मेला जाने की व्यवस्था होगी। सभी की किराया सूची जारी की गई है। बदायूं से मेला ककोड़ा का किराया 32 रुपये तय किया गया है।
एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि नौशेरा से मेला ककोड़ा बस स्टेशन जाने के लिए किराया 28 रुपये, शेखूपुर से 27 रुपये, इस्माइलपुर से 21 रुपये तय किया गया है। इसके अलावा असरासी से 19 रुपये, निजामपुर से 16 रुपये, कादरचौक से 12, जोरीनगला से 10 रुपये और ओम नगरिया से सात रुपये किराया देना होगा।
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मेले को लगाईं पंद्रह बसें, जरूरत पर और बढ़ेंगी
बदायूं। मेला आने-जाने में श्रद्धालुओं की परेशानी दूर करने के लिए बदायूं डिपो ने फिलहाल पंद्रह बसों को इस रूट पर लगाया है। बिसौली और इस्लामनगर से भी बसें श्रद्धालुओं को मेला लाएंगी। शनिवार को मुख्य स्नान के दिन बदायूं डिपो के स्टैंड से पांच बसें दिन भर श्रद्धालुओं को मेला ले जाएंगी। इसके अलावा बिसौली से छह बसें लगाई गई हैं जो तीन से पांच नवंबर तक प्रतिदिन मेला तक संचालित होंगी। एक बस इस्लामनगर से मेला के लिए संचालित की गई है जो तीन से पांच नवंबर तक अपडाउन करती रहेगी। पहले बदायूं जिले का हिस्सा रहे संभल के गवां से भी एक बस रोज मेला आवागमन करेगी। एआरएम ने इसके लिए ड्राइवरों और परिचालकों के लिए खास निर्देश जारी किए हैं। कहा है कि सभी स्टाफ सात नवंबर तक अपने वाहन पर बना रहेगा। ड्यूटी गंभीरता से करें। इस मार्ग पर ट्रैक्टर आदि वाहन काफी तेजी से चलते हैं, इनके चालक भी दक्ष नहीं होते हैं। उन्हें साइड देने में कोई विवाद पैदा न करें।
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पौन किमी चलना होगा मेले के लिए
मेले में जाम की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए बस स्टेशन को बाहरी हिस्से में कोतवाली के पास बनाया गया है। ऐसे में यात्रियों को बस से उतरकर मुख्य मेले में पहुंचने के लिए करीब पौन किमी की दूरी तय करनी होगी। मेला बस स्टैंड पर शिफ्ट के हिसाब से स्टाफ तैनात किया गया है। रास्ते में टिकट निरीक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। एआरएम खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं कि किसी स्तर पर लापरवाही न हो।
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शाम को बढ़ी भीड़
मेला जाने वाली बसों में शाम से भीड़ बढ़ने लगी। मेले में रुककर जल्द सुबह गंगास्नान करने वाले लोग बहुतायत में निकले। हालांकि निजी वाहनों से मेले में आवाजाही का दौर भी जारी रहा। शनिवार तड़के से शाम तक भीड़ ज्यादा रहने की संभावना है। लोगों की सुविधा के लिए लाउडस्पीकर लगाकर मेला जाने वाली बसों की सूचना दी जा रही है।
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दिल्ली की बसों के फेरे कम होंगे
एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को गंगास्नान कराना डिपो प्रबंधन की प्राथमिकता है। इसके लिए जरूरत होगी तो मुख्य रूट दिल्ली की बसों के फेरे कम किए जा सकते हैं। स्टाफ को भी इस बारे में निर्देश दिए गए हैं।
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