बदायूं। 21 जनवरी से डग्गामारी का विरोध कर रहे रोडवेज कर्मचारियों का अनशन बुधवार को खत्म हो गया। एसडीएम सदर ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया, साथ ही आश्वासन दिया कि डग्गामारी हुई तो इसके जिम्मेदार जिले के पांच अधिकारी होंगे। इसके लिए डीएम ने पांच सदस्यीय टीम को गठित कर दी है।
वैसे तो रोडवेज कर्मचारी काफी समय से रोडवेज चौराहे पर हो रही डग्गामारी का विरोध कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया था। पुलिस प्रशासन से भी डग्गामारी बंद कराने की मांग की थी लेकिन डग्गामारी पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके बाद सभी कर्मचारी 21 जनवरी से रोडवेज परिसर में अनशन पर बैठ गए। मंगलवार को अनशन के दौरान कर्मचारियों ने रोडवेज चौकी इंचार्ज पर गालीगलौज करने, बैनर उखाड़ने का आरोप लगाया था। आमरण अनशन की जानकारी पर डीएम ने पांच सदस्यीय टीम को गठित किया। इस टीम में सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन सोहेल अहमद, एआरएम राजेश कुमार और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिरोही समेत पांच अधिकारी शामिल किए गए हैं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने टीम को आदेश दिया है कि रोडवेज चौराहे के अलावा अन्य जगहों पर डग्गामारी हुई तो टीम में शामिल अधिकारी जिम्मेदार होंगे। डीएम के आदेश पर बुधवार दोपहर एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य रोडवेज स्टैंड पहुंचे। उन्होंने संगठन के प्रांतीय प्रतिनिधि असद कदीर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमकार सिंह और विपिन चौहान समेतम अन्य कर्मचारियों को जूस पिलाकर आमरण अनशन खत्म कराया। इस दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष हरीशंकर, क्षेत्रीय मंत्री रवींद्र कुमार, संचालन कर्ता राजेंद्र कुमार मौर्य, दशरथ प्रसाद यादव, जीवन सिंह, चंद्रशेखर, लोकेंद्र सिंह, सुशील मिश्रा, चंदालाल, भूप सिंह, निसार अहमद, भूपेंद्र सिंह आदि समेत दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।