जिला अस्पताल में सोमवार दोपहर एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजन सिलिंडर में ऑक्सीजन नहीं होने का आरोप लगा रहे थे। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई तब तक कर्मचारी इमरजेंसी वार्ड छोड़कर भाग चुके थे। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को समझाकर शांत किया। मृतक के भाई ने अस्पताल स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी है। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने इस मामले में सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
करीब 22 वर्षीय इरशाद पुत्र अकील अहमद कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मम्मन चौक कटरा ब्राहमपुर निवासी था। परिजनों के मुताबिक रविवार रात इरशाद को बुखार आया था। सोमवार सुबह दिन में 11 बजे उसे को जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती करा दिया गया। जहां दोपहर करीब दो बजे उसकी मौत हो गई। जानकारी मिलने पर परिजन, रिश्तेदार और मोहल्ले वाले इकट्ठे हो गए। उन्होंने अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख इमरजेंसी में बैठे डॉक्टर और कर्मचारी चुपचाप निकल गए। इससे परिवार वालों का पारा और चढ़ गया। करीब 20 मिनट तक हंगामा चलता रहा। तभी कोतवाली पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। मृतक के भाई इरफान ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे इरशाद की हालत ज्यादा अधिक बिगड़ गई थी। वह कई बार डॉक्टर को बुलाने इमरजेंसी गया, लेकिन कोई डॉक्टर या कर्मचारी उसके भाई को देखने नहीं आया। उसने सीएमएस से इसकी शिकायत की। उन्होंने कहा कि भाई को कहीं और ले जाओ। दोपहर दो बजे इरशाद की मौत हो गई। उन्होंने सिलिंडर चेक किया तो उसमें ऑक्सीजन ही नहीं थी। इरफान ने सीएमएस और अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी है। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
युवक को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। उसकी हालत के बारे में परिजनों को पहले ही बता दिया गया था। सिलिंडर खाली होने का आरोप गलत है। सिलिंडर ऑक्सीजन से भरा था। - डॉ. आरएस यादव, सीएमएस जिला अस्पताल