उझानी (बदायूं)। गंदगी की वजह से गद्दीटोला मोहल्ले की सूरत बदल गई है। नालियां चोक और सड़कों पर कीचड़ से परेशान नागरिकों को परेशानी के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मस्जिद के आसपास तो लोग पैदल भी सुरक्षित नहीं निकल सकते।
मोहल्ले में सड़कों की दुर्दशा और साफ व्यवस्था पर सवाल उठने के लिए रविवार को कई महिला-पुरुष दोपहर में इसरार नेता के घर के पास जुटे। मोहल्ले के लोगों में मुश्ताक और अब्दुल हसन ने बताया कि मस्जिद के पास वाली गली की सड़क पिछले कई महीनों से बदहाल है। सड़क के साथ नालियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ऐसा भी नहीं कि मोहल्ले के लोगों ने पालिका प्रशासन से बदहाली की शिकायत नहीं की हो लेकिन हर बार ही उन्हें अनसुना कर दिया गया। गद्दीटोला के मेन नाले की तरफ जाने वाली नालियों का गंदा पानी सड़क पर भर जाने से जलभराव के साथ ही कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो गई है। वार्ड मेंबर से भी नागरिक मिलकर अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं। मच्छरजनित संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका के बीच मोहल्ले के बाबू, नाजिम, शिफार अली और असगर का कहना है कि पालिका प्रशासन सड़कों का जीर्णोद्घार कराके सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में नाकाम रहा तो आंदोलन किया जाएगा।
गलियारों में गोबर भी बना मुसीबत
उझानी। गद्दीटोला मोहल्ले में यूं तो एक दर्जन से अधिक गलियारे हैं लेकिन तीन-चार गलियों में मोहल्ले के लोग पशुओं को सड़क पर बांध दिया करते हैं। सफाई के दौरान गोबर के ढेर भी सड़क किनारे लगा दिए जाते हैं। ऐसे में नालियों को चोक होना आम बात हो गई है। गद्दीटोला के गलियारों से होकर दूसरे मोहल्ले के लोगों का भी आवागमन रहता है। अयोध्यागंज मोहल्ले के रमेश ने बताया कि लोगों को सड़क पर पशु बांधने बंध कर देने चाहिए।
गद्दीटोला मोहल्ले में जिस स्थान पर सड़क खराब होने से नागरिक परेशानी बता रहे हैं। उस इलाके में गंदगी के लिए काफी हद कुछ लोग जिम्मेदार हैं। वह खुद मौके पर सफाई कर्मियों से व्यवस्था दुरुस्त कराते हैं, लेकिन गोबर डाल दिए जाने से परेशानी होने लगती है।- संजीव कुमार, सफाई निरीक्षक।