बदायूं। प्लाॅट दिखाकर 18 लाख की धोखाधड़ी के मामले में तिलक तिवारी व उसकी दादी कमला तिवारी के खिलाफ एक और मामला सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुआ है। इससे पहले 15 से अधिक मामले इसी तरह की धोखाधड़ी के जिले में विभिन्न थानों में दर्ज हो चुके हैं। इसके बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
अलापुर कस्बा निवासी राजाराम ने बताया कि अपनी समधिन रूपा देवी के लिए तिलक तिवारी पुत्र स्व. प्रमोद तिवारी से मदर एथैना स्कूल के पास 150 वर्ग गज के एक प्लॉट का सौदा 27 लाख रुपये में तय किया था। पीड़ित ने 18 लाख रुपये बतौर बयाना तिलक तिवारी को दे दिए थे। आरोप है कि बयाना लेने के बाद आरोपी रजिस्ट्री करने में टालमटोल करने लगा। बाद में आरोपी ने प्लॉट की कीमत बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रति गज कर दी।
नौ-नौ लाख के दो चेक हुए बाउंस
जब पीड़ित ने पैसा वापस मांगा तो आरोपी ने नौ-नौ लाख रुपये के दो चेक दिए। बैंक में लगाने पर दोनों चेक ‘अपर्याप्त धनराशि’ के कारण बाउंस हो गए। आरोप है कि तिलक तिवारी और उसकी दादी कमला तिवारी ने पीड़ित को झांसे में रखकर केस दर्ज करने से रोके रखा ताकि चेक बाउंस की कानूनी समय सीमा निकल जाए।
पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित का आरोप है कि तिलक तिवारी, कमला तिवारी, मोहिनी तिवारी और उनके नौकर मिलकर एक संगठित गिरोह चलाते हैं। ये लोग फर्जी कागजात दिखाकर लोगों को जमीन का लालच देते हैं। भारी भरकम रकम ऐंठने के बाद रजिस्ट्री नहीं करते। पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देते हैं।