उझानी (बदायूं)। रोक के बाद भी चार दिन से कादरचौक क्षेत्र में खनन जारी है। इसकी भनक बुधवार को अफसरों को लगी तो खनन निरीक्षक ने आनन-फानन में बालू लदी तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियों को पकड़ लिया। उनके चालक भी हिरासत में ले लिए गए। ठेकेदार को चार दिन पहले रायल्टी जमा करनी थी जो उसने नहीं की, जिस कारण रोक लगी। बाद में सड़क हादसे में वह घायल हो गया और मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
कादरचौक क्षेत्र में खनन प्वाइंट था। खनन का ठेका कासगंज जिले के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के गांव महमूदपुर निवासी मोरपाल फौजी के नाम था। ठेकेदार मोरपाल ने चार दिन पहले रॉयल्टी जमा नहीं की। इस पर उसी दिन खनन विभाग की ओर से खोदाई पर रोक लगा दी गई। अगले दिन अफसरों को पता लगा कि ठेकेदार सड़क हादसे में घायल हो गया है। बाद में मंगलवार को उसकी मौत हो गई। इधर, खोदाई पर रोक के बाद भी खनन जारी रहा। मामला प्रशासनिक अफसरों के संज्ञान में पहुंचा। जिस पर बुधवार को तड़के खनन निरीक्षक नरेंद्र कुमार जब खनन प्वाइंट की ओर निकले तो उन्हें बालू लदी कई ट्रैक्टर ट्रॉलियां नजर आईं। तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियों समेत उनके ड्राइवरों को पकड़ लिया गया। खनन निरीक्षक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अवैध खनन का मामला दर्ज कर लिया।
अवैध डंपिंग ग्राउंड पर शुरू हो चुका स्टॉक
ठेकेदार मोरपाल ने मौत से पहले रॉयल्टी जमा क्यों नहीं की, यह तो अफसरों को जांच करने पर ही पता लगेगा लेकिन इसकी भनक धंधेबाजों को पहले से ही थी कि उसका खनन से मोह भंग होने लगा है। असलियत भांपते हुए कुछेक धंधेबाजों ने आठ दिन पहले ही यहां बसोमा रोड पर स्टॉक करना शुरू कर दिया। इसी क्रम में डंपिंग ग्राउंड पर अब तक दर्जनों की संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉलियों को अनलोड किया गया।
ठेकेदार की मौत में भी है कोई बड़ा राज
ठेकेदार मोरपाल फौजी की मौत को लेकर कई तरह के कयास के बीच धंधेबाजों का कहना है कि वह जिस दिन हादसे में घायल हुआ, तब खनन प्वाइंट से घर लौट रहा था। उसकी बाइक सड़क किनारे खाई में गिर गई थी। चोट कोई ऐसी नहीं थी जो मौत की वजह बनती। उसकी मौत पर सवाल इसलिए भी उठता है कि आखिर उसने क्यों रॉयल्टी जमा नहीं की।
रायल्टी जमा नहीं हो पाने के कारण खनन प्वाइंट पर खोदाई का काम चार दिन पहले रोका जा चुका है। बाद में ठेकेदार की मौत हो गई। चुनाव की वजह से फिलहाल ठेका होना मुश्किल है। अवैध खनन की शिकायत पर खनन निरीक्षक ने कार्रवाई की है।
- रामनिवास शर्मा, एडीएम, प्रशासन