एआरटीओ कार्यालय में फर्जी लाइसेंस बनाए जाने के मामले में कैशियर समेत तीन कर्मचारी सस्पेंड कर दिए गए हैं। इनमें एक बरेली और दूसरा मुरादाबाद ट्रांसफर हो चुका था। इन दोनों के समय बदायूं कार्यालय में फर्जी लाइसेंस बनाए गए थे। तभी से इस प्रकरण की शासन स्तर से जांच चल रही थी। अब जाकर तीनों कर्मचारियों पर गाज गिरी है।
कुछ साल पहले एआरटीओ कार्यालय में फर्जी लाइसेंस बनाए गए थे। उस समय सर्वेश बाबू (वर्तमान तैनाती बरेली) लाइसेंस का पटल संभालते थे। वहीं भीमसेन (वर्तमान तैनाती मुरादाबाद) आरआई के पद पर थे। जबकि रविप्रताप सिंह आज भी एआरटीओ कार्यालय में कैशियर हैं। फर्जी लाइसेंस के मामले में जांच शुरू हुई तो करीब साढ़े तीन हजार फर्जी लाइसेंस बनाने का मामला सामने आया। शासन से हो रही इस प्रकरण की जांच में तीनों कर्मचारी शक के दायरे में आए थे। एक दिन पहले तीनों कर्मचारियों को शासन ने सस्पेंड कर दिया।
हमारे यहां सर्वेश बाबू परमिट सेक्शन देख रहे थे। जिन्हें शासन से सस्पेंड कर दिया है। इससे पहले सर्वेश बाबू बदायूं में तैनात थे। वहीं कोई फर्जी लाइसेंस बनाने का मामला सामने आया था। इस मामले में बदायूं में तैनात कैशियर रविप्रताप सिंह और मुरादाबाद के आरआई भीमसेन भी सस्पेंड हुए हैं।
-आरपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन, बरेली