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पॉक्सो एक्ट में दो को 15-15 साल की कड़ी कैद

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पॉक्सो एक्ट में दो को 15-15 साल की कड़ी कैद
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कोर्ट ने दोनों पर 30-30 हजार का जुर्माना भी डाला
झूठी गवाही देने पर वादी और दो गवाहों के खिलाफ कार्रवाई का भी दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। करीब ढाई साल पहले दलित नाबालिग लड़की से हुए दुष्कर्म के जुर्म में अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम/ पॉक्सो कोर्ट देवराज प्रसाद सिंह ने दो लोगों को मुजरिम करार देते हुए 15-15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है। जुर्माना जमा होने पर 50 फीसदी धनराशि पीड़ित को देने का आदेश भी कोर्ट ने दिया है। जबकि तीसरे आरोपी की पत्रावली किशोर न्यायालय में लंबित है।
दलित किशोरी से दुष्कर्म की वारदात थाना अलापुर क्षेत्र के एक गांव में सात मार्च 2016 को हुई थी। वादी के मुताबिक उसकी 14 वर्षीय भतीजी घटना वाली रात करीब आठ बजे पर शौच को जा रही थी। रास्ते में उसकी भतीजी को क़स्बा अलापुर निवासी आबिद हसन पुत्र दूल्हे हसन, अब्दुल हसन पुत्र अख्तर हसन और कस्बे के एक किशोर जबरन उठाकर ले गए और रायफल के बल पर सभी ने दुष्कर्म किया। वादी ने गांव वालों की मदद से अपनी भतीजी को दरिंदो के चंगुल से छुड़ाया। भीड़ जमा होने पर सभी मुजरिम रायफल से धमका कर मौके से फरार हो गए। वादी ने आबिद हसन, अब्दुल हसन और एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सभी को जेल भेजने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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अपर सत्र न्यायाधीश देवराज प्रसाद सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद आबिद हसन और अब्दुल हसन को पॉक्सो एक्ट में मुजरिम करार देते हुए 15-15 साल की कड़ी कैद की सजा सुनायी साथ ही दोनों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वादी और गवाहों द्वारा मुजरिम के खिलाफ गवाही देने से मुकर जाने पर पॉक्सो कोर्ट जज देवराज प्रसाद सिंह ने वादी मुकदमा और दो गवाहों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश दिया है।
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