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गर्मी आई तो मच्छर उड़ा रहे लोगों की नींद

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(लीड..प्वाइंट 48)
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फोटो :: 1 और 2
मेन...
मच्छरों ने उड़ाई रातों की नींद, दिन का चैन
सब हेड....
शाम होते ही सक्रिय हो जाते हैं, फिर रात को भी करते हैं लोगों पर अटैक
क्रासर....
बचने को लोग करने लगे हैं इंतजाम, सता रहा है डर, कहीं कर न दें बीमार
नाले-नालियों भी बजबजा रहीं हैं कीचड़ से, सफाई हो तो काम बने
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। ज्यों-ज्यों तापमान में बढ़ोतरी हो रही है वैसे-वैसे मच्छरों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। आलम है कि शाम होते ही मच्छर भिनभिनाने लगते हैं। रात को तो स्थिति यह हो जाती है कि चैन से नींद भी नहीं आती, इस कारण अगले दिन का चैन भी चला जाता है। मच्छरों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के पीछे नाले-नालियों की सफाई नहीं होना है। यही स्थिति रही तो मच्छरों के कारण लोग बीमार होने लगेंगे।
मौसम में एकाएक बदलाव आया है। गर्मी शुरू होने से मच्छरों ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मच्छरों की संख्या मेें बढ़ोतरी होने से लोग काफी चिंतित हैं। मच्छरों की संख्या में इजाफा होने के पीछे लोगों का मानना है कि शहर में जगह-जगह सड़कों पर कूड़ा फैला पड़ा है। सफाई व्यवस्था वैसी नहीं है जैसी होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार का पूरा फोकस स्वच्छता पर है लेकिन शहर के हालात इस बात के गवाह हैं कि तमाम स्थान ऐसे हैं जहां पर कई दिनों तक सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचता है।
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नगर पालिका परिषद में 300 से अधिक सफाई कर्मचारी हैं पर बावजूद इसके सफाई की स्थिति खराब है। पालिका से जुड़े सूत्र बताते हैं कि कर्मचारियों के आपसी विवादों के कारण शहर में सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। उसी का परिणाम मच्छरों की संख्या में रिकार्डतोड़ वृद्धि के रूप में देखने को मिल रहा है।
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पालिका ने रात में कराई सफाई
शायद मच्छरों की संख्या में इजाफा होने के कारण ही नगर पालिका परिषद प्रशासन ने गुरुवार रात को सिविल लाइन, रोडवेज बस स्टैंड आदि इलाकों में सघन सफाई कराई।
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पालिका के हाल
-229 परमानेंट सफाई कर्मचारी
- 61 बैकलॉग सफाई कर्मचारी
- 66 दैनिक वेतन भोगी
- 50 संविदा
- दो जेसीबी
- 19 ट्रैक्टर
- 30 रिक्शा
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लगातार हो रहा दवा का छिड़काव
शहर में टीम लगातार टोमीफोस दवा कर छिड़काव कर रही है। जिससे मच्छर का लार्वा मर जाता है। लार्वा से मच्छर बनाने में 10 दिन का समय लगता है इसलिए प्रति सप्ताह छिड़काव कराया जा रहा है।
-आरपी शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी
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जिला मलेरिया विभाग
स्टेरिट पंप-25
डीडीटी पाउड- दो मीट्रिक टन
पंप फागिंग मशीन-4
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लगातार हो रही है शहर में सफाई
शहर में लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है। कर्मचारियों से दो शिफ्ट में काम कराया जा रहा है। पहले भी दो शिफ्ट में कर्मचारियों ने मन लगाकर काम किया था लेकिन ठंड अधिक होने की वजह से रात वाला काम बंद कराया था। अब उसे दोबारा शुरू कर दिया है।
-दीपमाला गोयल, चेयरमैन
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फोटो-16-
क्या कहते हैं डॉक्टर
नागरिकों को मच्छरों से बचना चाहिए। हो सके तो रात के समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। मच्छरों के काटने से कई तरह के बुखार हो सकते हैं। मच्छरों से बचाव ही मुख्य इलाज है।
-डॉ.सचिन गुप्ता, फिजीशियन
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क्या कहते हैं शहरवासी
फोटो-3-
नहीं खड़े हो सकते है
मच्छरों ने जीना हराम कर दिया है। कहीं भी खड़े हो गए। वहां पर आ जाते हैं, ऐसे में शाम के समय काफी दिक्कत होती है।
-हरि प्रताप सिंह
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फोटो-4-
सफाई व्यवस्था फेल
शहर में सफाई व्यवस्था चौपट है। इस वजह से समय से पहले मच्छरों की संख्या में इजाफा हो गया है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-मदन कुमार शर्मा
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फोटो-5-
शुरू में दिखी थी सफाई
नगर पालिका चेयरमैन के कार्यभार ग्रहण करने के बाद में शहर में सफाई दिखनी शुरू हो गई थी, लेकिन जैसे-जैसे समय निकलता जा रहा है। वैसे-वैसे सफाई व्यवस्था पुराने रंग में लौटने लगी है।
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-राजेंद्र मिश्रा
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फोटो-6-
जागरूक होने की जरूरत
सफाई के लिए लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। लोग खुद ही सड़कों पर कूड़ा फेंक रहे हैं। वह कूड़े को कूड़ेदान में भी डाल सकते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं करते हैं।
-लल्लू सिंह
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