बदायूं। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जनपद में चार हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाकर 1.70 लाख महिलाएं जोड़ी जाएंगी। इससे वह आत्मनिर्भर बनकर अपनी आजीविका चला सकेंगी। शासन की ओर जनपद को मिले लक्ष्य में राशन कार्ड धारक, अंत्योदय कार्ड धारक, मनरेगा जॉब कार्ड धारक महिलाएं, जीरो पावर्टी की महिलाओं को शामिल किया जाएगा।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जनपद में पहले से 20 हजार समूहों में करीब दो लाख महिलाएं पहले से जुड़ी हुई हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं अपना रोजगार चला रही हैं। समूह की महिलाओं की आय का आंकलन विभाग की ओर से किया जाता है। इसमें एक लाख रुपये की आय करने वाली महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाता है।
दो लाख महिलाओं में से जनपद में 57 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अप्रैल में नया डाटा अपडेट होने पर पर लखपति दीदी की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिलेगा। इनकी सफलता के बाद महिलाओं जनपद में अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
शासन की ओर जनपद में 1.70 लाख नई महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। यह महिलाएं अपने आसपास की राशन कार्ड धारक, अंत्योदय कार्ड धारक, मनरेगा जॉब कार्ड धारक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेंगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन की ओर जनपद में लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य के अनुरूप गाइडलाइन के अनुसार महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा जाएगा।
अखिलेश चौबे, डीसी एनआरएलएम