बदायूं। दहेज में बाइक न देने पर विवाहिता को मारकर फंदे पर लटकाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश दशम् डॉ कपिला राघव ने पति, सास-ससुर को दस-दस साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। सभी पर 10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
दहेज हत्या की यह घटना चार साल पहले थाना बिल्सी के मोहल्ला नंबर चार की है। थाना अलापुर के गांव खरखोली निवासी वादी प्रेमचंद्र ने 16 दिसंबर 2014 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसने अपनी पुत्री अनीता की शादी बिल्सी मोहल्ला नंबर चार निवासी प्रकाश के पुत्र अंकित उर्फ बबलू के साथ की थी। उसकी पुत्री के ससुराल वाले दिये गए दान दहेज से खुश नही थे और अनीता को बाइक और सोने की चेन-अंगूठी लाने को प्रताड़ित करते थे। अनीता ने और दहेज देने में अपने पिता की असमर्थता बतायी तो पति अंकित उफ़ॱर बबलू, सास माया, ससुर प्रकाश ने उस पर और जुल्म करने शुरू कर दिये। वादी प्रेमचंद्र ने भी अनीता के ससुराल वालों को समझाया लेकिन वह नही माने। वादी प्रेमचंद्र को 15 दिसंबर 2014 की रात दस बजे खबर मिली कि उसकी पुत्री अनीता की उसके ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी न करने पर मारपीट कर हत्या कर दी है। प्रेमचंद्र ने अंकित, प्रकाश और माया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
अपर सत्र न्यायाधीश डॉ कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद अंकित उर्फ बबलू, माया और प्रकाश को मुजरिम मानते हुए दस-दस साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 10-10 हजार का अर्थदंड भी डाला है