फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेहूं खरीद घोटाले में छुट भैया नेता समेत फंस सकती है कई अधिकारियों की गर्दन

विज्ञापन
विज्ञापन
--लीड--
विज्ञापन

कई माननीय भी शामिल हैं गेहूं घोटाले में!
गेहूं खरीद में हाथ मार रहे थे कई छुटभैया नेता, शुरू कर दी थी गेहूं की खरीदारी
अमर उजाला ब्यूरो
दातागंज (बदायूं)। डेढ़ करोड़ रुपये का गेहूं खरीद घोटाला प्रकाश में आने पर क्षेत्र में सक्रिय माफिया में हलचल मच गई है। वहीं इस घोटाले में कुछ छुटभैया नेता और अधिकारियों के शामिल होने की आशंका है। सूत्रों की माने तो आरोपित ठेकेदार को जिन लोगों ने ठेका दिलाया था, वे भाजपा नेताओं के करीबी हैं। अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच हुई, तो कई माननीयों और अधिकारियों की गर्दन फंसना तय है।
नगर की मंडी समिति में प्रदेश सरकार के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग की ओर गेहूं खरीद कराई गई थी। यह खरीद अकेले दातागंज मंडी में नहीं, पूरे जिले की मंडियों में हुई थी। इसके लिए जिला प्रशासन के आदेश पर अलग-अलग जगह केंद्र खोले गए थे। हर केंद्र की अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी। सिर्फ दातागंज मंडी की बात करें तो यहां करीब 60 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। सूत्रों की माने तो यहां केंद्र शुरू होने से पहले माफिया ने तुलाई और ढुलाई का ठेका लेने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए थे। इसके लिए माफिया ने छुटभैया नेताओं को भी शामिल कर लिया। जिनको भाजपा नेता के इशारे पर ठेका मिला था। बाद में गेहूं खरीद शुरू होते ही घोटाला भी शुरू हो गया। चर्चा है कि इस संबंध में कुछ अधिकारियों को उसी समय पता चल गया था। परंतु वे मामला खुलने का इंतजार करते रहे और कुछ अधिकारी बहती गंगा में अपने हाथ धोते रहे। इस घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद सफेदपोश नेताओं में ही नहीं, बल्कि अधिकारियों में भी खलबली मच गई। सभी अपनी-अपनी गर्दन बचाए घूम रहे हैं।
विज्ञापन

-----------------
ऐसे करते थे गोलमाल
माफिया ने गेहूं घोटाला करने के लिए एक फार्मूला अपना लिया था। वह जो खरीदारी दिखाते थे। उससे अधिक क्विंटल गेहूं खरीद दिखाकर उसका भुगतान करा लेते थे। वहीं दूसरा तरीका यह था कि माफिया के दूसरे केंद्रों से भी साठगांठ थी। गोदाम में जमा होने गेहूं दातागंज मंडी का जाता था। परंतु रास्ते में उसके दूसरी मंडी के नाम से फर्जी कागज तैयार कर लिए जाते थे और उसी मंडी से भुगतान भी करा लिया जाता था।
विज्ञापन

---
बदायूं और बिल्सी मंडी भी शक के दायरे में
दातागंज मंडी में गेहूं खरीद घोटाला खुलने के बाद बदायूं और बिल्सी मंडी भी शक के दायरे में आ गई हैं। यहां भी गेहूं खरीद से संबंधित जांच शुरू करा दी गई है। माना जा रहा है कि यहां भी कुछ न कुछ घोटाला जरूर हुआ है। अगर निष्पक्ष जांच हो तो यहां भी बड़ा घोटाला निकलेगा।
वर्जन-
मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। इसकी जांच एडीएम से कराई जाएगी। जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। -दिनेश कुमार सिंह, डीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें