डीएम दिनेश कुमार की सख्ती के बावजूद जिले में चल रहे फर्जी स्कूल बंद नहीं हुए। बिसौली इलाके में संचालित फर्जी स्कूलों को बंद कराने के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। खंड शिक्षाधिकारी ने एसडीएम को पत्र भेजकर पुलिस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
गर्मी की छुट्टियों से पहले डीएम ने गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद कराने के लिए अप्रैल में निर्देश दिया था। मगर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की साठगांठ के चलते दबतोरी, परसिया, लक्ष्मीपुर, दबतोरा, संग्रामपुर, भरतपुर, करेंगी, आदपुर, बगरेन, मुंडिया, फैजगंज बेहटा, आसफपुर समेत पूरे तहसील क्षेत्र में गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चल रहे हैं। अब डीएम ने बिसौली एसडीएम मो. अवेश की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। इसके अनुपालन में खंड शिक्षाधिकारी सद्दीक अहमद ने एसडीएम को पत्र देकर छापामारी के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की है। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल बिसौली और थानाध्यक्ष फैजगंज बेहटा को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम मो. अवेश का कहना है कि गैर मान्यता वाले स्कूल नहीं चलेंगे। उनके खिलाफ शीघ्र छापामारी की जाएगी। --
तू डाल-डाल तो मैं पात-पात
बिसौली। तू डाल डाल मैं पात पात वाली कहावत स्कूल संचालकों ने तहसील क्षेत्र में सिद्ध कर दी है। छापामार अभियान की भनक लगते ही फर्जी स्कूल चलाने वालों ने शिक्षा विभाग से साठगांठ कर कोचिंग सेंटर के नाम से पंजीकरण करा लिया है। यहां पढ़ने वाले बच्चों का पंजीकरण नकल के लिए बदनाम स्कूलों और कालेजों में करा दिया है। इन बच्चों को प्रथम श्रेणी में पास कराने के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जा रही है।