रूट डायवर्जन से यात्रियों का छूटा पसीना, डग्गामार वाहनों का लेना पड़ा सहारा
शहर से बाहर प्रमुख प्वाइंटों पर तैनात रहा पुलिस फोर्स
अफसर भी दौड़ते रहे, बाईपास से निकाले भारी वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
हेलीपैड से लेकर कलक्ट्रेट तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसलिए अफसरों ने एक दिन पहले ही होमवर्क कर लिया था। इसका नजारा रविवार को शहर के बाहर प्रमुख प्वाइंटों पर देखने को मिला। प्रत्येक प्वाइंट पर तैनात पुलिस फोर्स ने बरेली और कासगंज की ओर गुजरने वाले वाहनों में रोडवेज बसों और ट्रकों को निर्माणाधीन बाईपास से होकर गुजारा तो शहर में आने-जाने वाले लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
पुलिस ने शहर में खासकर कलक्ट्रेट, जेल रोड और पुलिस लाइन चौराहे के आसपास वाहनों को नियंत्रित करने के लिए सुबह से ही पांच प्रमुख प्वाइंटों पर बाहर की ओर पहुंचने वाले वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। उझानी की तरफ से मेडिकल कॉलेज के पास से वाहनों को बाईपास की ओर मोड़ दिया गया। बिल्सी की ओर से बहेड़ी मोड़, बरेली की तरफ से नवादा पुलिस चौकी और अलापुर की ओर से वाहनों को मंडी समिति के पास रोका गया। सबसे ज्यादा गौर लालपुल से कलक्ट्रेट वाले प्वाइंट पर रखा गया। यही प्वाइंट पुलिस लाइन चौराहे से कलक्ट्रेट तक जाता है। इधर, रूट डायवर्जन की वजह से बाइपास पर ही बसों से उतर गए यात्रियों में सहसवान के अली अहमद और मुजरिया के प्रेमपाल ने बताया कि बाइपास पर डग्गामार वाहन नहीं मिलते तो उन्हें पैदल ही शहर के अंदर पहुंचना पड़ता।