अज्ञात लोगों द्वारा कराई गई पुताई।
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बदायूं। शहर में ताजमहल जैसी बनावट वाले नवाब इकलास खान के मकबरे रोजा को मजहबी रंग देने की कोशिश की गई। पुरातत्व विभाग के इस संरक्षित स्थल पर धार्मिक गतिविधियां करने और असामाजिक तत्वों की आवाजाही से परेशान स्थानीय लोगों ने हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों की मदद से मामले को उठाया। रविवार सुबह सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच की। अब यहां रोज मॉनीटरिंग की जाएगी।
हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष धीरज सिंह और महामंत्री अभिषेक सक्सेना ने दो दिन पहले एसएसपी के नाम संबोधित पत्र सिविल लाइंस थाना पुलिस को देकर रोजा के अंदर धार्मिक गतिविधियां होने का आरोप लगाया था। बताया कि पुरातत्व विभाग से संरक्षित इस इमारत के अंदरूनी हिस्से पर हरे रंग का पेंट कर दिया गया है। अंदर की कच्ची कब्रें पक्की कर दी गई हैं तो कुछ लोगों का कहना था कि यहां अक्सर इबादत भी की जाने लगी है।
रविवार सुबह जवाहरपुरी चौकी प्रभारी संजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिसर के अंदर का जायजा लिया। सूचना पर हिंदू संगठनों के लोगों ने भी यहां पहुंचकर विरोध जताया। संघ से जुड़े जोगराज सिंह आदि नेताओं के अलावा पुलिस ने इन लोगों को समझाकर शांत किया। स्थानीय लोग भी आ गए और हिंदूवादी नेताओं की ही बात को आगे बढ़ाया। कहा कि रोजा के ऊपरी बुर्ज पर चढ़ने के चार रास्ते हैं। छत पर चढ़कर असामाजिक तत्व घरों में मौजूद महिलाओं पर ईट पत्थर फेंककर गंदे इशारे करते हैं। लोगों ने इन रास्तों पर तालाबंदी करने की मांग की। हिंदू नेताओं ने कहा कि ऐसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। माहौल नहीं सुधरा तो वे लोग आंदोलन करेंगे। एसआई संजय कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया कि अब पुलिस सुबह शाम इस स्थल की मॉनीटरिंग करेगी। जो मौके पर पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि रंग बदलने के बारे में उनका कहना था कि यह काफी पहले का बदला हुआ लग रहा है। इसमें कोई खास बात नहीं है।