यौमे आशुरा पर नम आंखों से करबला में ताजियों को दफन किया गया। इससे पूर्व पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शनिवार की रात ताजिये सजाए गए। इसमें नौहाख्वानी के बीच सीनाजनी और जंजीरों का मातम किया गया।
मुहर्रम की दसवीं तारीख को करबला के मैदान में अलम चढ़ा कर दुआएं मांगने के साथ मन्नतें मांगी गईं। रविवार को सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ताजियों को दफन कर मातम मनाया। वहीं शिया समुदाय के लोगों ने मातम के साथ जुलूस निकाला और इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। इसी तारीख को पैगंबर ए इस्लाम हजरत मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन को उनके रिश्तेदारों और साथियों के साथ इराक के करबला के मैदान में जंग के दौरान शहीद कर दिया गया था। यौमे आशुरा पर इसी शहादत को याद करते हुए करबला के शहीदों को याद किया जाता है। शनिवार को कई स्थानों पर मुहर्रम की नौवीं तारीख को जिले में ताजिये रखे गए। रविवार को करबला के मैदान में ताजियों को दफन करने के दौरान काफी भीड़ लगी रही। मुहर्रम की दसवीं तारीख पर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने करबला के मैदान में अलम चढ़ाकर दुआएं की और मन्नतें मांगी। करबला में शहर के पास पड़ोस गांवों के लोगों ने ताजियों को दफन किया।
पूर्व मंत्री और सदर विधायक आबिद रजा ने मुहर्रम की 10 तारीख को करबला में कैंप लगाकर लोगों से मुलाकात की। रविवार को करबला में काफी संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा रहा । इस अवसर पर अबरार सभासद, हाजी अबू बक्र सभासद, अशफाक सभासद, इशरत ग़ाजी, फैजान आजाद, अली अल्वी आदि मौजूद रहे।
अलापुर । अलापुर में महल वाली मस्जिद से होते हुए अंसारी चौक, खेड़ा मोहल्ला, पन्ने नगला, काजी मोहल्ला होते हुए ताजिये निकाले गए।
उधर सखानू में भी ताजिये निकाले गए। जिसमें जमनिया मोहल्ला, अशरफी चौक, पछाओ मोहल्ला के ताजिये शामिल थे। रविवार को सुबह 9:45 बजे गरीब नवाज मस्जिद में यौमे अशुरा की नमाज अदा की गई । जिसे गरीब नवाज मस्जिद के इमाम हाफिज मोहम्मद फैजान अशरफ ने पढ़ाया। इस अवसर पर अरशद खलीफा, जहीरूल हसन, कामरान अशरफ, अकमल अशरफी, इसरार अहमद, हफीजुल, फैसल हसन, अफसार अहमद, नादिर, माजिद, शाहिद खलीफा आदि मौजूद थे।
उसहैत। मुहर्रम की नौ और दस तारीख को जुलूस-ए-हुसैनी निकाला गया । जुलूस नगर के बडे़ इमामबाडे़ से शुरू होकर छोटे इमामबाडे़ और हुसैनी गली से होता हुआ बस स्टैंड पहुंचा और मोहल्ला पश्चिम में जाकर समाप्त हुआ । खलीफा हशमत अली की सरपरस्ती में युवाओं ने गतके, लाठी व बनेटी के जौहर दिखाए। हुसैनी कमेटी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पूर्व चेयरमैन नवाब हसन, शाहनवाज खान पप्पी, सैय्यद शाहिद अली, अमीरउद्दीन, नत्थू मेंबर, इसराईल, फरमान मंसूरी, फिरासत नियाजी, परवेज निहाल, अहमद मुअज्जम अली, रिफाकत हुसैन मौजूद रहे।
बिसौली। रविवार को मुहर्रम के जुलूस में मेंहदी और ताजिए अपने परंपरागत रास्तों से होते हुए करबला पहुंचे। जहां सैकड़ों नम आंखों के बीच उन्हें दफन किया गया। जुलूस में कोतवाल राजेश कश्यप, एसआई राहुल सिसौदिया, पूर्व चैयरमेन अबरार अहमद, काजी शहानवाज खां, राशिद मंसूरी, शौकत अली खां, मुस्तरफ खां, जहीर आटो आदि मौजूद रहे।
वजीरगंज। हजरत इमाम हुसैन की याद में घर घर में लंगर फातेहाख्वानी कुरानख्वानी हुई । मस्जिदों में नमाज के बाद हजरत इमाम हुसैन कि शान में तकरीर र्हुइं और नगर के प्रमुख मुहल्लों में दस दिन लगातार जलसे का आयोजन किया गया। हजरत इमाम हुसैन की याद में लोगों ने एफएम हाईवे पर राहगीरों के लिए हलवा फल चाय शरबत समोसा लंगर के स्टाल लगा कर अपनी अकीदत का इजहार किया ।
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शियाओं ने निकाला मातम के साथ जुलूस
बदायूं। शहर के शिया समुदाय के लोगों ने मातम मनाकर इमामबाड़े से जुलूस निकाला। बाद में ताजियों को दफन किया गया।
जुलूस के वक्त पुलिस फोर्स तैनात रहा। चक्कर की सड़क पर एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट राज कुमार द्विवेदी, एसपी सिटी कमल किशोर, सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव आदि पुलिस फोर्स के साथ तैनात रहे।