सरकारी जमीनों पर कब्जे हटवाने के लिए प्रदेश सरकार भले गंभीर हो, लेकिन जिला प्रशासन भूमाफिया पर मेहरबान है। शासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी जमीनों से कब्जे हटाने के लिए एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स गठित की गई थी। एक मई से 31 जुलाई तक अभियान चलाकर भू-माफिया चिह्नित किए गए। अब तक एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स केवल 0.995 हेक्टेयर सरकारी जमीनों से कब्जे हटवा सकी। जिले में 20 भूमाफिया चिह्नित किए हैं, लेकिन अब तक किसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई नहीं की गई।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जिला भूमि व्यवस्था अधिकारी की ओर से जी गई जानकारी में यह तथ्य सामने आए। जिले में एक मई से 31 जुलाई 2017 तक अभियान चलाकर 20 भू-माफिया चिह्नित किए गए थे। इनमें से 16 भू-माफिया ने सरकारी जमीनें कब्जा रखी हैं। चार भू-माफिया ने जिला पंचायत और लोक निर्माण विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जा कर रखा है। यानि 2.344 हेक्टेयर सरकारी जमीन भूमाफिया के कब्जे में है।
प्रशासन ने अब तक सिर्फ 16 भू-माफिया के खिलाफ मामूली धाराओं में कार्रवाई की है। शासन के आदेश के बाद भी अब तक किसी भी भू-माफिया के खिलाफ गुंडा एक्ट या गैंगस्टर जैसी संगीन धाराओं में कार्रवाई नहीं की गई है। गौरतलब यह है कि अवैध कब्जे वाली 2.344 हेक्टेयर सरकारी जमीन में से अब तक प्रशासन सिर्फ 0.995 हेक्टेयर जमीन को ही मुक्त करा सका है। अभी 1.349 हेक्टेयर सरकारी जमीनों पर भूमाफिया काबिज है। इसमें जिला पंचायत की 0.156, लोक निर्माण विभाग की 0.022 हेक्टेयर और राजस्व विभाग की 1.171 हेक्टेयर जमीन है। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत यह जानकारी जालंधरी सराय निवासी फरजान अली खां ने मांगी थी।