बदायूं। भीषण गर्मी ने सबका हाल बेहाल कर रखा है, लेकिन बच्चों पर यह सबसे ज्यादा मुसीबत लेकर आया है। गर्मी में बच्चे बुखार, डायरिया जैसे रोगों की गिरफ्त में आ रहे हैं। जिला और महिला अस्पताल समेत प्राइवेट क्लीनिकों पर भी बच्चों को लेकर आने वाले अभिभावकों की लाइन लगी हुई हैं। डॉक्टर अभिभावकों को बच्चों को डिहाइड्रेशन और धूप से बचाने की सलाह दे रहे हैं, ताकि वे बीमारी से दूर रहें।
मौसम में हो रहे बदलाव के चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा हैं। जहां जिला अस्पताल में पहले मरीजों की संख्या 14 सौ के आसपास रहती थी। अब उनकी संख्या में इजाफा होते हुए ओपीडी 16 सौ तक पहुंच गई। ऐसे में डॉक्टरों पर दबाव पड़ना शुरू हो गया है। मरीजों की संख्या में जो इजाफा हुआ है, उसमें सबसे ज्यादा बच्चे शामिल हैं। बच्चे गर्मी में डायरिया का शिकार हो रहे हैं। अब हालात ये हैं कि जिला अस्पताल में पहले जहां बच्चों के स्वास्थ्य को दिखाने के लिए डॉक्टर के पास कुछ ही मरीज पहुंचते थे, वहीं अब डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन लगानी पड़ती है।
दवा लेने के लिए भी लगानी पड़ती है लाइन
-मरीज जैसे-तैसे करके चिकित्सक तक पहुंच भी जाए, तो उसके हौसले दवा हासिल करने में पस्त हो जाते हैं। महिला और पुरुष दोनों ही खिड़कियों पर मरीजों की लंबी लाइन रहती है। ऐसे में दवा लेने के लिए उसे काफी समय लग जाता है।
43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका जिले का तापमान
-जिले में तापमान पिछले दिनों 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। हालांकि मंगलवार को आसमान पर बादल छाए रहे। इस वजह से तापमान में गिरावट रही लेकिन फिर भी गर्मी के चलते लोग काफी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं।
बरतें सावधानियां
- बच्चों को धूप में घर से बाहर न निकलने दें।
- गंदे स्थानों पर बिक रहे खाद्य पदार्थ न खाएं।
- गन्ने का रस तथा बर्फ वाली चीजें खाने से बचें।
- बाहर से आकर एकदम से ठंडा पानी न पिएं।
- दस्त होने पर बच्चों को नमक-चीनी का घोल दें।
- मौसमी फल खूब खाएं तथा तरल पदार्थ लेते रहें।
- उल्टी-दस्त होने पर बच्चों को योग्य चिकित्सक को दिखाएं।
बच्चों को गर्मी से बचाना आवश्यक है। इस समय बच्चों में डिहाइड्रेशन के साथ साथ पेट की अन्य कई बीमारियां फैलने का डर रहता है। इससे बचने के लिए बच्चों को धूप से बचाना चाहिए, साथ ही उन्हें पानी उबालकर देना चाहिए। बच्चों को पौष्टिक आहार दें। नवजात के लिए मां का दूध सर्वोत्तम आहार होता है, उसे अवश्य पिलाना चाहिए।
डॉ. राजीव रोहतगी, बाल रोग विशेषज्ञ, महिला अस्पताल