उझानी (बदायूं)। अब्दुल्लागंज के बाद नगर में भी खसरा की तरह ही एक ही परिवार के पांच सदस्यों में लक्षण नजर आए हैं। इनमें चार सगी बहनें हैं। उनके चेहरे पर दाने पड़ गए हैं। परिजन उन्हें लेकर बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। चिकित्साधिकारी डॉ. महेश प्रताप सिंह ने युवक समेत तीन का इलाज भी किया। हालांकि वह इसे फीवर विद रैश की बीमारी बता रहे हैं।
बीमारी की चपेट में आए एक ही परिवार के पांच सदस्य बहादुरगंज मोहल्ले के हैं। देवेंद्र सिंह की बेटी दीक्षा (19) और साक्षी (17) को तीन दिन पहले बुखार आया। इसके बाद चेहरे दाने पड़ने लगे। घरवालों ने दोनों का देसी इलाज भी किया लेकिन उनकी हालत में सुधार की बजाय परिवार के सदस्यों में देवेंद्र का भाई शैलेंद्र (25), छोटी बेटियां महिमा (10) और दन्नो (7) को भी बीमारी ने गिरफ्त में ले लिया। देवेंद्र ने पांचों का मोहल्ले में एक निजी क्लीनिक पर भी इलाज कराया। वह सुबह में शैलेंद्र, दीक्षा और साक्षी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा। देवेंद्र ने बताया कि मोहल्ले में दो-तीन अन्य बच्चे भी ऐसी ही बीमारी की चपेट में हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दीक्षा, साक्षी और शैलेंद्र का इलाज भी किया गया। बाद में उन्हें घर पर ही रहकर दवाएं नियमित खाने की सलाह देकर भेज दिया गया। चिकित्साधिकारी डॉ. महेश प्रताप सिंह ने बताया कि देवेंद्र का भाई और बेटियां फीवर विद रैश की बीमारी से पीड़ित हैं, जिसमें मरीज के शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं। उन्हें घर में सफाई रखने और परिवार के सदस्यों को मरीजों से दूर रखने की भी सलाह दी गई है। बता दें कि पिछले दिनों इलाके के ही गांव अब्दुल्लागंज में महिलाओं और बच्चों समेत करीब दो दर्जन लोग खसरा की चपेट में आ गए थे।