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समसपुर कूबरी में फैला गलाघोंटू, बालिका की मौत

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उघैती (बदायूं)। ग्राम समसपुर कूबरी में बच्चों में गलाघोंटू बीमारी फैली है। सोमवार को एक और बच्ची की मौत हो गई। 11 वर्षीय बालिका 24 नवंबर को बीमार हुई थी। उसे चंदौसी के अस्पताल में दिखाया गया था, जहां डॉक्टर ने उसे गलाघोंटू की बीमारी बताई थी। जिस पर परिवार वाले दिल्ली ले गए, जहां सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई। इससे पहले भी यहां कई बच्चों की मौत हो चुकी है और कई बीमार हैं। 
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सहसवान ब्लाक क्षेत्र के ग्राम समसपुर कूबरी निवासी अरविंद कुमार के मुताबिक उनकी 11 वर्षीय बेटी प्रिया 24 नवंबर को बीमार हुई थी। उसको बुखार आया था और गला भी सूज गया था। इस पर परिवार वाले 25 नवंबर को उसे चंदौसी के प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने बालिका को गलाघोंटू की बीमारी बताई। बच्ची की हालत लगातार बिगड़ रही थी। उसे कुछ निगलने तक में परेशानी हो रही थी। इससे परिवार वालों ने बच्ची को दिल्ली को आजादपुर इलाके में स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। यहां भी डॉक्टरों ने बच्ची को गला घोटू होने की पुष्टि की। उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सका। सोमवार दोपहर प्रिया ने दम तोड़ दिया। बच्ची के बाबा रमेश पाल की माने तो उनके गांव में गलाघोंटू की बीमारी करीब एक-डेढ़ माह से फैली हुई है। उनकी नातिन के अलावा रब्बन की आठ वर्षीय बेटी जीनत करीब एक माह पूर्व गलाघोंटू की शिकार हुई थी। परिवार वालों ने उसे उघैती दिखाया था। उसके बाद घर पर मौत हो गई। करीब 20 दिन पहले शरीफ के दो वर्षीय बेटे अनवर और करीब 15-20 दिन पहले राजवीर की 10 वर्षीय बेटी नेहा भी गलाघोंटू की बीमारी से दम तोड़ चुके हैं। यहां कई बच्चे गला घोटू की की चपेट में आ चुके हैं। इस समय वीरपाल का दो वर्षीय बेटा अनुराग, राजाराम का छह वर्षीय बेटा गोविंद, यूनिस की दो वर्षीय बेटी खुशनम और इकरार की चार वर्षीय बेटी शाहीन गलाघोंटू की चपेट में आ चुके हैं। उनके परिवार वालों की माने तो सभी के गले पर सूजन है और बुखार आ रहा है। सभी इधर-उधर प्राइवेट अस्पतालों में बच्चों का इलाज करा रहे हैं।        
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बदहाल है नवीन स्वास्थ्य केंद्र      उघैती। आसपास के लोगों को राहत देने के लिए उघैती में नवीन स्वास्थ्य केंद्र तो बना है, लेकिन यहां की व्यवस्था इतनी बदहाल है कि उसे खुद इलाज की जरूरत है। पहले तो लोगों को दवा नहीं मिलती, पहुंच भी जाएं तो कर्मचारी गायब रहते हैं। गंदगी इतनी है कि लोग जाने से डरते हैं। स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में झाड़ियां हैं, जिसमें से सांप बिच्छू निकलना सामान्य बात है।        
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जब से बच्चे गलाघोंटू बीमारी की चपेट में आए हैं, तभी हमने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम एक बार आई। उसके बाद गांव में कोई टीम नहीं आई।        
-वीरपाल, ग्राम प्रधान, समसपुर कूबरी       
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गांव में हमने टीम भेजी है, हमने पता किया है ऐसी कोई बात नहीं है। जो टीम गांव गई है, वह गांव से लौटकर आए तो हम कुछ बता सकते हैं। अगर गलाघोंटू बीमारी होगी, तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।       
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-डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
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