बदायूं। जिला जेल के दो कैदी रिहाई के आदेश सुनकर भले ही खुश हों, लेकिन अभी उनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। रिहाई से पहले उनके चाल-चलन परखा जा रहा है। पुलिस ने इसकी विधिवत जांच शुरू कर दी है। अगर दोनों कैदियों के जेल के अलावा गांव में चाल-चलन ठीक साबित हुए तभी उनकी रिहाई होगी।
यह कैदी बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जरारा निवासी अजब सिंह उर्फ जंगलिया और उसका चचेरा भाई देवेंद्र हैं। दोनों चचेरे-तहेरे भाइयों को फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में दो साल की सजा हुई थी। इस मामले में अजब सिंह के पिता कल्याण और भाई फुंदन भी जिला जेल में आरोपों की सजा भुगत रहे हैं। शासन ने हर बार की तरह इस बार भी अच्छे चाल-चलन वाले कैदियों की सूची मांगी थी। जिसमें अजब सिंह और देवेंद्र के नाम शामिल थे और शासन की नजर में यह ठीक भी निकले। इस पर शासन ने दोनों की रिहाई के आदेश जारी कर दिए। दो अक्तूबर को जिला प्रशासन को यह आदेश मिले थे। तभी से परिवार वाले दोनों को रिहा कराने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। अभी कुछ ऐसी प्रक्रियाएं शेष रह गई हैं, जिनके पूरे होने पर ही दोनों कैदियों को रिहाई मिलेगी। परिवार वालों ने दोनों कैदियों को रिहा कराने के लिए प्रोबेशन अधिकारी के यहां अपने जमानती दाखिल किए हैं परंतु उनकी जांच अभी नहीं हो सकी है। अभी पुलिस इस मामले में पूरी छानबीन करेगी तब कहीं जांच रिपोर्ट डीएम के पास जाएगी। जांच में दोनों कैदियों का आचरण और जमानतियों का विवरण सही पाया गया तो दोनों को रिहा कर दिया जाएगा। इसके लिए अभी समय लग सकता है। दोनों कैदी बाहर आने के लिए काफी उत्सुक हैं।
दोनों कैदियों के रिहाई के आदेश भले ही आ गए हैं लेकिन अभी उनके परिवार वालों की ओर से दाखिल किए गए दस्तावेजों की जांच चल रही है। जमानत कराने के लिए जैसे जांच होती है, उसी तरह इनकी भी जांच चल रही है। डीएम के आदेश मिलेंगे, तभी दोनों रिहा किए जाएंगे।
-कैलाशपति त्रिपाठी, जेल अधीक्षक