बिसौली। यूपी सरकार की ऋण माफी योजना में एक बड़ी चूक सामने आई है। एक किसान को प्रमाण पत्र दे दिया गया, लेकिन उसका ऋण माफ नहीं हुआ। अब किसान बैंक और तहसील के चक्कर लगा रहा है।
बिसौली तहसील के गांव सर्वा निवासी किसान श्यामसिंह ने भारतीय स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा से ऋण लिया था। प्रदेश सरकार के ऋण माफी की घोषणा के बाद श्याम सिंह को बैंक द्वारा सूचित किया गया कि उसका 71000 रुपये ऋण माफ हो गया है। 23 सितंबर को विधायक कुशाग्र सागर ने नगर के मदनलाल इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्याम सिंह को ऋण मोचन प्रमाण पत्र भी दे दिया गया। प्रमाण पत्र पर संबंधित भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा प्रबंधक राजेंद्र सिंह के हस्ताक्षर हैं। श्याम सिंह के खाते में 71174 रुपये भी आ चुके हैं।
बुधवार को श्याम सिंह बैंक गए तब उन्हें बताया कि कि उनका कर्जा माफ नहीं हुआ है। इसलिए ऋण के 71174 रुपये अदा करने होंगे। अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। शाखा प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने बताया कि गलत फीडिंग की वजह से श्याम सिंह को ऋण माफी का प्रमाण पत्र जारी हो गया है। उसका कर्जा माफ नहीं हुआ है। एसडीएम मोहम्मद अवेश ने बताया का कहना है कि ऋण मोचन का पूरा मामला बैंक से संबंधित है। इसका उनसे कोई लेना देना नहीं है।