बदायूं । दिवाली नजदीक आते ही आतिशबाजी को लेकर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। हर साल आतिशबाजी विक्रेता जगह-जगह दुकान लगाकर शहर में बस्ती के बीच विस्फोटक पदार्थ बेचने लगते हैं। हालांकि लाइसेंस हर साल जारी की किए जाते हैं। इसके बाद भी लोग नहीं मानते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, जो भी कोई बगैर लाइसेंस के आतिशबाजी बेचेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को डीएम अनिता श्रीवास्तव ने अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश जारी किया है कि आतिशबाजी की दुकान लगाने के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे। अगर कोई बिना लाइसेंस के आतिशबाजी की बिक्री करता है तो उसके खिलाफ विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीएम ने अग्निशमन अधिकारी, प्रभारी निरीक्षक तथा संबंधित एसओ को निर्देशित किया है कि अपने अपने क्षेत्र में अस्थायी शेड में आतिशबाजी विक्रय के लिए लाइसेंस जारी करने की संस्तुति करने से पूर्व विस्फोटक अधिनियम के नियम 84 का अनुपालन करें और इसके बाद भी कहीं कोई घटना घटित होती है, तो नगर मजिस्ट्रेट, उप जिला मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी पुलिस, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष उत्तरदायी माने जाएंगे। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि कस्बों में लगने वाली अस्थायी अतिशबाजी की दुकानें घनी आबादी से दूर खुले स्थान पर तथा अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से उचित स्थान का चयन कर सूची आख्या सहित नौ अक्तूबर तक शस्त्र कार्यालय को उपलब्ध करा दी जाए।