सूचना के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जाहूल की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है। मृतक के पिता समेत परिजनों ने धोखे से चूहा मार दवा खा लेने की बात बताई है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को उसके पिता को सौंप दिया गया है।
गांव में है यह चर्चा
ग्रामीणों के अनुसार, जाहूल जिद्दी किस्म था। बताते हैं कि उसके परिवार के दो-तीन सदस्य चिलम पीते हैं। चिलम में शीरा मिश्रित तंबाकू का इस्तेमाल किया गया था या फिर सिगरेट की तंबाकू भर ली गई, परिवार के लोग इसे लेकर तो कुछ भी नहीं बता पाए।
इलाके के लोग बताते हैं कि कुछ लोग गांजे की पत्तियों को चिलम में इस्तेमाल करते हैं। उसमें नशे की तीव्रता अधिक होती है। काफी हद तक संभव है कि चिलम में सुट्टा मारने के बाद जाहूल आपा खो बैठा होगा। इसी के चलते चूर्ण और चूहा मार दवा के पाउच में अंतर नहीं समझ पाया।