बदायूं। तीन करोड़ के खाद घोटाले की जांच को एक फिर एसआईटी का गठन किया जाएगा, जिसमें कई इंस्पेक्टर और एसआई शामिल किए जाएंगे। उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि वे खाद घोटाले के संबंध में एक-एक पहलू की जांच करें, जिससे इस मामले में कार्रवाई की जा सके।
इस घोटाले की करीब दो माह से जांच चल रही है। इसके लिए विशेष तौर पर एसआईटी का गठन किया गया था, जिसमें तत्कालीन सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिरोही और तत्कालीन अलापुर इंस्पेक्टर मनीराम सिंह थे। कुछ दिन पहले दोनों इंस्पेक्टरों का एक-एक करके ट्रांसफर हो गया। इससे एसआईटी भंग हो गई। उसके बाद खाद घोटाले जांच की पूरी जिम्मेदारी सिविल लाइंस थाने के एसएसआई अरविंद कुमार पर आ गई। इस दौरान एसएसआई ने घोटाले के संबंध में कई तथ्य जुटाए। पीसीएफ से रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया। पूरा डाटा एकत्र करने में ही करीब एक माह लग गया। उसके बाद अभिलेखों से खाद का मिलान शुरू कर दिया गया, परंतु वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं। बताया जा रहा है कि अब एसआईटी का नए सिरे से गठन होने जा रहा है। उसके बाद ही पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच पाएगी। फिलहाल इस घोटाले में शामिल आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी भी पुलिस के लिए चुनौती बनी है।
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खाद घोटाले की जांच को एसआईटी का गठन एसएसपी ही करेंगे। अभी उनको आए दो-तीन दिन हुए हैं, पूरे मामले की पड़ताल करेंगे, तभी कुछ होगा। प्रक्रिया चल रही है।
-जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी