बदायूं। शहर में पावर कॉरपोरेशन की ओर से अंडरग्राउंड केबल डाली जा रही है, जो लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। शहर में जगह-जगह सड़क पर पड़े तारों की वजह से कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अब इसमें विभाग ने नया खेल शुरू कर दिया है। रात के अंधेरे में सड़कों और गलियों की खोदाई की जा रही है। इसके पीछे तर्क तो ये है कि काम जल्दी निपट सके और लोगों को परेशानी भी न हो, जबकि वास्तविकता ये है कि रात में केबल डालने के पीछे कारण ये है कि मानकों को देखने वाला कोई न हो और मनमर्जी की गहराई पर केबल डाल दी जाए। कई जगहों पर निर्धारित गहराई के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। सुबह को जब लोग उठते हैं तो उन्हें केबल सड़क के अंदर दिखाई देती है और कोई विरोध नहीं होता।
सपा शासनकाल के दौरान 2016 में शहर में अंडरग्राउंड केबल डालने का काम शुरू किया गया। विभागीय अधिकारियों का तर्क था कि इससे शहर की हो रही बिजली चोरी काफी हद तक रोकी जा सकेगी और शहरवासियों को निर्बाध बिजली की सप्लाई मिलेगी। काम शुरू हुआ, लेकिन इसमें शुरू से ही अनियमितताएं बरती जाने लगीं। इसका विरोध हुआ, काम भी रोका गया, लेकिन बाद में राजनीतिक सांठगांठ से दोबारा काम शुरू कर दिया गया। अब तक दिन में केबल डलवाई जा रही थी, लेकिन कुछ समय से रात में इसे डालना शुरू कर दिया गया है। जिन जगहों पर केबल पड़ रही है वहां के लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मानकों की अनदेखी की जा रही है। सड़क की हल्की सी खोदाई करके केबल डाल दी जाती है। रात के समय लोग एकत्र नहीं हो पाते हैं, जो उसका विरोध कर काम को रुकवाएं। सुबह होते-होते कर्मचारी केबल डालकर उस जगह को मिट्टी से पूरी तरह कवर कर देते हैं।
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लोगों ने कहा, रात को की जा रही मानकों की अनदेखी
ठेकेदार तो अपनी मनमानी पर उतारू है। वह मानकों को दरकिनार कर अंडरग्राउंड केबल डाल रहे हैं, लेकिन किसी की सुनने के लिए कोई तैयार ही नहीं है।
-पदम सिंह
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अंडरग्राउंड केबल से लोगों को बहुत फायदा मिलता, लेकिन अगर उसे नियमानुसार डाला जाता। अब मानकों की अनदेखी से जनहानि भी हो सकती है।
-नीरज
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कई बार शिकायत की, लेकिन अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। अधिकारी लगातार शिकायतों को अनदेखा कर रहे हैं।
-सत्यपाल
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अब रात के अंधेरे में अंडरग्राउंड केबल डालने का काम किया जा रहा है। इससे उनके मानकों के बारे जानकारी ही नहीं हो पा रही है।
-रिंकू मित्तल
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जल्द ही हमें काम पूरा करना है। दिन में काम होने से जनता को परेेशानी होती है। आवागमन भी प्रभावित होता है, इसलिए रात में काम कराया जा रहा है।
- मधुप श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता