मेला ककोड़ा। यहां लगे अस्थायी बाजारों में जबरदस्त भीड़ रही। आसपास के गांवों से आए लोगों ने ही नहीं, शहरों से आए श्रद्धालुओं ने भी खूब खरीदारी की।
इधर, दुकानदारों प्रतिबंध के बावजूद पॉलीथिन में ही सामान को रखकर देते दिखे। इसी क्रम में एमएलसी जितेंद्र यादव ने गंगा तट पर श्रद्धालुओं से गंदगी न करने की अपील की।
ढोलक, संदूक, लाठी की खूब हुई बिक्री: मेले में ढोलक, संदूक, लाठी, चलना, चक्की आदि खरीदने के लिए लोगों की काफी भीड़ रही। जहां लाठी 120 से 150 रुपये और चक्की तीन सौ से लेकर 750 रुपये तक में बिकी।
पुलिस रही मुस्तैद, नहीं लगा जाम: गत वर्ष मेला ककोड़ा में करीब सात घंटे लगातार जाम रहा था। इस जाम में फंसे दातागंज के एक व्यापारी की मौत भी हो गई थी, लेकिन इस साल पुलिस प्रशासन ने कहीं पर जाम नहीं लगे, इसके लिए बेहद ठोस योजना बनाई थी।
एसएसपी अशोक कुमार ने एसपी सिटी जितेंद्र श्रीवास्तव को मेले का नोडल अफसर बनाया था। निर्देश दिए गए थे कि इस साल कहीं पर जाम नहीं लगे। इसके लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया जाए। शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर उमड़े श्रद्धालुओं को आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं रही। पुलिस के जवान वाहनों को पास कराते रहे। कहीं पर वाहनों को रुकने नहीं दिया गया। पुलिस प्रशासन का मानना था कि बीच में वाहनों को खड़ा कर देने से जाम लगता था सो इस बार पुलिस ने काफी ध्यान रखा।
अनेक श्रद्धालुओं का निशुल्क इलाज: मेला ककोड़ा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी श्रद्धालुओं की सेवा को निशुल्क कैंप लगाया है। विभिन्न रोगों से पीड़ित अनेक श्रद्धालुओं का परीक्षण कर उन्हें दवा दी गई। आईएमए सचिव हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.शरद कुमार गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को 435 श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर निशुल्क दवा दी, वहीं आज 253 श्रद्धालु कैंप में आए। विभिन्न रोगों से पीड़ित इन सभी श्रद्धालुओं को विशेषज्ञ डॉक्टरों ने परीक्षण कर दवा दी। कैंप में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.शरद गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.वागीश वार्ष्णेय, महिला विशेषज्ञ डॉ.रुचि गुप्ता, डॉ.सुजोय कुमार आदि थे।
सड़क किनारे खड़े वाहन क्रेन से उठवाए: कच्चे मार्गों पर बेतरतीब सड़क किनारे श्रद्धालुओं ने अपने वाहन खड़े कर रखे थे। इस वजह से वहां पर जाम लगाने की समस्या बन सकती थी। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उन वाहनों को क्रेन से पार्किंग वाली जगह पर पहुंचाया।
नावों से गंगा में उठाया लुत्फ: गंगा में पानी अधिक होने के कारण इस बार नावें खूब चलीं। मेले में करीब दो दर्जन नाव चलाई र्गइं। एक घाट से दूसरे पार के घाट का किराया प्रति व्यक्ति 20 रुपये लिया गया। लोगों ने नावों का खूब आनंद लिया।
श्रद्धालुओं को कराया खिचाड़ी भोज: युवा क्रांतिकारी छात्र संगठन की ओर से मेला ककोड़ा में शुक्रवार को खिचड़ी भोज कराया गया। संस्थापक पुनीत कुमार कश्यप, पूर्व जिला अध्यक्ष अरुण पटेल, रवि जौहरी, योगेंद्र सागर, भानु तोमर, देशपाल, विशाल वैश्य आदि मौजूद रहे।
छोटे-छोटे टेंटों में हुआ जुआ: डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी मेले में जमकर जुआ खेला गया। जुआरियों ने तंबुओं के पीछे अपने छोटे-छोटे टेंट लगा लिए। जिनमें जुआ हुआ।
श्रद्धालुओं के उज्ज्वल भविष्य को किया यज्ञ
मेला ककोड़ा। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में पूर्णिमा के पावन पर्व पर पतित पावनी मां गंगा के तट पर गायत्री महायज्ञ हुआ। गायत्री परिवार और मेले में आए श्रद्धालुओं ने सबके लिए सद् बुद्धि, उज्ज्वल भविष्य की कामना से यज्ञ किया।
गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि मां गंगा, गंगा के तट पर रहने वाले को ही नहीं तारती है। सौ योजन दूर से भी कोई गंगा शब्द का उच्चारण करें, तो उसको पवित्रता की प्राप्ति होती है। हमारे देश में अर्थ, वैभव, अधिकार के द्वारा किसी का मूल्यांकन बहुत क्षणिक हुआ है। निर्मल गंगा जन अभियान के जिला संयोजक सुखपाल शर्मा ने कहा कि मां गंगा में जितना उपकार, सौंदर्य, प्रगति और जितनी समता है वो सारे सद्गुण अपने आप आ जाते हैं।