भूमि होकर भी पांच साल से तीन गांवों के 40 किसान भूमिहीन
चकबंदी होने पर गायब कर दिए गए थे उनके खेत
शासन-प्रशासन से अनेक बार की पीड़ित किसानों ने शिकायत
अब डीएम ने जमीन की पैमाइश के जारी किए हैं आदेश
मुन्ना लाल गुप्ता
दातागंज।
तहसील क्षेत्र के गांव कटकोरा, नगरिया खनू और पूरनभेड़ा के 40 किसान ऐसे हैं जिन पर पांच साल पहले तक खेती की जमीन थी, लेकिन उस वक्त गांव में चली चकबंदी में इन सभी की जमीन गायब हो गई। उस समय इन किसानों ने जमीन को वापस लेने के लिए हर संभव प्रयास किए। शासन-प्रशासन से शिकायत कीं लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित किसानों ने पिछले दिनों डीएम दिनेश कुमार सिंह को पूरे मामले से अवगत कराया। डीएम ने गंभीरता से लेते हुए तहसील प्रशासन को जमीन की पैमाइश के आदेश जारी किए हैं। लिहाजा, किसानों को यह उम्मीद लगने लगी है कि अब उन्हें शायद उनकी जमीन मिल जाए
सपा शासनकाल में पांच साल पहले तहसील क्षेत्र के गांव कटकोरा, नगरियाखनू और पूरनभेड़ा में चकबंदी विभाग की ओर से चकबंदी की कार्रवाई की गई थी। प्रभावशाली लोगों ने सांठगांठ करके अपने हित में जमीन के चक करा लिए। इन गांव के रहने वाले किसान रामप्रकाश, रामौतार, बन्ना, रियाजन, इशाहक, रामपाल, दयाराम, राजवीर, रामसिंह समेत 40 किसानों को जब यह पता चला कि उनकी जमीन तो पूरी तरह गायब हो गई है। राजनीतिक प्रभाव या फिर आर्थिक बल पर लोगों ने उनकी जमीन के चक अपने खेतों में करा लिए हैं। तब से यह सभी किसान भूमि होते हुए भी पूरी तरह से भूमिहीन हो गए। उस समय इन सभी किसानों ने तहसील से लेकर जिला प्रशासन और शासन तक अनेक बार शिकायत की लेकिन उनकी फरियाद को रद्दी की टोकरी के हवाले कर दी गई। हाथ से जमीन चले जाने के बाद इन किसानों के सामने परिवार के पालन-पोषण की समस्या खड़ी हो गई।
पिछले दिनों पीड़ित किसान डीएम दिनेश कुमार सिंह से मिले और पूरे मामले से अवगत कराया। डीएम ने उनकी बात को गंभीरता से सुना। कहा कि उनके साथ न्याय होगा। परेशान होने की बात नहीं है। तब उन्होंने तहसील प्रशासन को जमीन की पैमाइश कराने के आदेश जारी किए।
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... करते हैं मेहनत-मजदूरी
कई किसानों ने बताया कि जमीन चले जाने के बाद वे परिवार के पालन पोषण को रिक्शा चलाने के साथ ही मजदूरी आदि करते हैं। बोले-उन्हें यह विश्वास है कि अब उन्हें न्याय जरूर मिल जाएगी।
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चकबंदी पर 40 किसानों की जमीन को गायब कर देने की लड़ाई पांच सालों से लड़ी जा रही है। शासन-प्रशासन से अनेक बार फरियाद की गई। अब नंबर आया है जमीन की पैमाइश का। लग रहा है कि पीड़ित किसानों को अब जरूर न्याय मिल सकेगा। -ठाकुर श्रीकृष्ण सिंह, प्रधान नगरियाखनू
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वर्जन...............
विभाग की ओर से तहसील प्रशासन को लिखकर दे दिया गया है कि वह क्षेत्रीय लेखपालों को भेजकर यह तय करें कि उनका क्षेत्रफल कहां तक है। कुछ कदम की दूरी पर ही शाहजहांपुर जिले की सीमा है।
-देशपाल सिंह, सहायक चकबंदी अधिकारी