हत्या और जानलेवा हमले
में दो भाइयों को उम्रकैद
बिनावर क्षेत्र में ढाई साल पहले की गई थी वीरेश की हत्या
बंटाई जमीन लेने पर दिया गया था वारदात को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
एक युवक की हत्या और जानलेवा हमला करने के जुर्म में स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट अशोक कुमार सप्तम ने दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर जुर्माना भी डाला है। यह घटना करीब ढाई साल पहले थाना बिनावर क्षेत्र के विलहत गांव में घटी थी।
बिनावर थाना क्षेत्र के गांव विलहत निवासी पप्पू शर्मा पुत्र नत्थूलाल शर्मा ने 13 जुलाई 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक पप्पू शर्मा के भाई वीरेश ने गांव के राहुल पुत्र राजेश्वर सिंह की 12 बीघा जमीन बंटाई पर ली थी। इसका उसी गांव के ओमकार उर्फ आलोक ने विरोध किया। उसे घर जाकर धमकी दी थी कि राहुल की जमीन बंटाई पर ली तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। 13 जुलाई 2015 को उसका भाई वीरेश घर से बाहर निकल रहा था। तभी पड़ोसी पप्पू सिंह की छत पर खड़े होकर ओमकार उर्फ आलोक, उसके भाई अजय कुमार सिंह उर्फ छोटे पुत्र वीरेंद्र पाल सिंह, अखिलेश सिंह उर्फ शन्नू ने गालियां देते हुए ललकारा। ओमकार ने तमंचे से वीरेश को गोली मार दी। सीने में गोली लगने से वीरेश की मौत हो गई। तभी हमलावर भाग गए।
इस मामले में पप्पू शर्मा की ओर से ओमकार, अजय, अखिलेश और ललित के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने विवेचना के बाद ओमकार और अजय कुमार सिंह के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
स्पेशल जज अशोक कुमार सप्तम ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और वादी के अधिवक्ता स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता तथा बचाव पक्ष के वकील की दलीलों को सुनने के बाद मुजरिम ओमकार उर्फ आलोक और उसके भाई अजय कुमार सिंह उर्फ छोटे को उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने ओमकार पर 21 हजार और अजय पर छह हजार का जुर्माना भी डाला है।