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अलापुर नगर पंचायत के भाजपा प्रत्याशी ने ली न्यायालय की शरण

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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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बदायूं/दातागंज। अलापुर निकाय चुनाव में मात्र 108 वोटों से पराजित हुईं भाजपा प्रत्याशी दुर्गा देवी ने कोर्ट की शरण ली है। आरोप है कि एक मतपेटी की सील मतगणना शुरू होने से पहले ही खुली थी। शिकायत के बाद भी उस पेटी के मतों की गणना करा दी गई। दुर्गादेवी ने चुनाव आयोग से भी शिकायत की है। इस मामले में कोर्ट ने विपक्षियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
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जिला जज नसीर अहमद द्वितीय के यहां दी गई याचिका में अलापुर नगर पंचायत चुनाव में प्रत्याशी रहीं दुर्गादेवी ने कहा है कि अध्यक्ष की सीट सामान्य महिला को आरक्षित थी। वह अनुसूचित जाति से हैं। सो वह भी चुनाव में खड़ीं हुईं थीं। उनका आरोप है कि अनुसूचित जाति का होने की वजह से अधिकारी उनसे द्वेष मानते थे। इसी वजह से वह उन्हें चुनाव में हराने में लगे थे। दुर्गा देवी का आरोप है कि मतगणना में धांधली की गई है। गणना टेबल संख्या छह पर मतदान स्थल संख्या 24 की मतपेटिका की सील टूटी हुई थी। जिसकी लिखित शिकायत उनके द्वारा चुनाव अभिकर्ता से की गई इस पर प्रेक्षक की ओर से आख्या मांगी गई किंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनके और अन्य प्रत्याशियों के विरोध के पश्चात भी उक्त मतपेटिका को खोलकर मतों की गणना कर दी गई। इस मतपेटिका में उन्हें मात्र तीन प्राप्त होना दर्शाया गया। उन्हें 108 मतों से पराजित दिखा दिया गया।
याची दुर्गादेवी का कहना है कि यदि मतगणना में धांधली नहीं की गई होती तो उनकी निश्चित रूप से जीत होती। अब निर्वाचन अधिकारी द्वारा विपक्षी नाज-बी पत्नी मोहम्मद उस्मान का नामांकन अवैध रूप से स्वीकार किए जाने, चुनाव में विपक्ष द्वारा भ्रष्ट आचरण करने आदि के आरोप लगाकर दुर्गा देवी ने अध्यक्ष पद के चुनाव को चुनौती दी है।
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जिला जज ने याचिका दर्ज करके विपक्षियों को नोटिस जारी कर सुनवाई की तिथि 18 जनवरी 2018 तय कर दी है। इधर, भाजपा प्रत्याशी दुर्गादेवी ने बताया कि उन्होंने आयोग से भी धांधली की शिकायत की है।
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काफी देर बाद घोषित किया गया था परिणाम
दातागंज। अलापुर नगर पंचायत के मतों की गिनती यहां पर हुई थी। चूंकि जीत का अंतर मात्र 108 मतों का था जिसकी वजह से भाजपा प्रत्याशी दुर्गा देवी और उनके समर्थकों ने हंगामा खड़ा कर दिया था। वह पुनर्मतगणना की मांग कर रहे थे। जिसकी वजह से परिणाम को भी मतों की गिनती होने के काफी देर बाद घोषित किया गया था। उसी वक्त दुर्गा देवी ने कहा था कि वह मामले को लेकर कोर्ट और आयोग जाएंगी। दुर्गा देवी को बसपा प्रत्याशी नाज-बी ने हराया है।
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