जिला कारागार में बंदियों
ने की भूख हड़ताल
बदायूं। सोमवार को जिला जेल में करीब 25-30 बंदियों ने भूख हड़ताल कर दी और जेल प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। देर शाम तक किसी भी बंदी ने खाना नहीं खाया। उन्होंने जेल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग की है।
जिला कारागार में सोमवार सुबह कुछ बंदियों के बैरक बदले गए थे। सूत्रों की माने तो बंदियों ने बैरक बदलने का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि वे जिस बैरक में हैं, उसी बैरक में उन्हें रखा जाए, परंतु जेल प्रशासन ने उनकी बात नहीं मानी। इस पर करीब 25-30 बंदी नाराज हो गए और भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने जेल प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। सूत्रों के मुताबिक बंदियों का आरोप है कि जेल में एक अखबार के आठ रुपये लिए जाते हैं, जबकि बाहर एक अखबार इससे कहीं कम का है। जेल अस्पताल में दवा के रूप में सिर्फ एक गोली दे दी जाती है। उनसे कहा जाता है कि वह एक गोली से ठीक हो जाएंगे। सब्जी-रोटी की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। पानी से पतली दाल दी जाती है। रोटियां पापड़ की तरह मिल रही हैं। इस तरह के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उन्होंने हड़ताल कर दी और दोपहर का भोजन नहीं लिया। बताते हैं कि देर शाम तक किसी भी बंदी ने खाना नहीं खाया। इससे जेल प्रशासन में खलबली मच गई है। बंदियों को समझाने का प्रयास जारी था।
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कुछ बंदियों के बैरक बदले गए थे। इस पर खाना नहीं खाने की धमकी देते हैं। जेल है तो अनुशासन तो बनाए रखना होगा। खाना नहीं खाकर वह जेल प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते हैं और कुछ नहीं।
-आदित्य कुमार, जेलर